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यूपी सरकार का फैसला, किसानों और मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के परिवारों के लिए एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की 172वीं संचालक मंडल बैठक में किसान हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के विस्तार और छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी की है।

सरकार ने निर्णय लिया है कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब 3,000 रुपये प्रतिमाह की जगह 5,000 रुपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को इसका लाभ पहुंचाने की तैयारी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सहयोग उपलब्ध कराना है।

किसान सहायता योजनाओं को मिला विस्तार

बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना को भी आगे जारी रखने का फैसला लिया गया। इन दोनों योजनाओं की अवधि अब 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ा दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन योजनाओं के संचालन के लिए अलग से बजट का प्रावधान भी किया गया है, ताकि जरूरतमंद किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

किसानों और विद्यार्थियों दोनों को होगा लाभ

सरकार के इन फैसलों से एक ओर किसानों को बेहतर विपणन व्यवस्था, आधुनिक मंडियों और कृषि प्रसंस्करण की सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर किसान एवं खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को बढ़ी हुई छात्रवृत्ति के माध्यम से शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहयोग मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा और कृषि विकास दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

मंगल और बुध की युति से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, धन-करियर में मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की युति कई बार ऐसे शुभ संयोग बनाती है, जिनका प्रभाव अलग-अलग राशियों पर देखने को मिलता है। 2 अगस्त से 5 अगस्त के बीच मिथुन राशि में मंगल और बुध की युति बनने जा रही है। 2 अगस्त को मंगल के मिथुन राशि में प्रवेश करते ही वहां पहले से मौजूद बुध के साथ यह विशेष योग बनेगा। 5 अगस्त को बुध के राशि परिवर्तन के साथ यह युति समाप्त हो जाएगी। यह संक्षिप्त अवधि कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ

1. मिथुन राशि

यह युति आपकी ही राशि में बनने जा रही है, इसलिए इसका सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव आपको मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए कार्य गति पकड़ सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और पुराने निवेश से भी लाभ मिल सकता है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आय और करियर के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्क और लाभदायक सौदे मिलने की संभावना है। मित्रों के सहयोग से कोई महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह युति भाग्य का साथ लेकर आ सकती है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के योग बनेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। यात्रा से लाभ और करियर में उन्नति के अवसर भी बन सकते हैं।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय रचनात्मक कार्यों और आर्थिक मामलों में लाभदायक साबित हो सकता है। निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में भी खुशियों का माहौल रहेगा और नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिलेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा, युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: देश के युवाओं को रोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा तोहफा दिया हैं।  इसके तहत पहली बार औपचारिक नौकरी शुरू करने वाले पात्र युवाओं को सरकार की ओर से 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से करीब 1.92 करोड़ युवाओं को लाभ मिलेगा।

रोजगार बढ़ाने पर रहेगा फोकस

ईएलआई योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संगठित क्षेत्र में रोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और देश में कुशल कार्यबल तैयार करना है। यह योजना रोजगार सृजन के साथ-साथ कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

पहली नौकरी करने वालों को लाभ

योजना के तहत ऐसे युवा लाभ उठा सकेंगे जो पहली बार किसी EPFO से पंजीकृत संस्थान में नौकरी शुरू करेंगे। पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि एकमुश्त नहीं बल्कि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त नौकरी के 6 महीने पूरे होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूरी करने तथा निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद जारी की जाएगी।

कंपनियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार ने केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि नई नियुक्तियां करने वाली कंपनियों के लिए भी प्रोत्साहन का प्रावधान किया है। पात्र संस्थानों को प्रत्येक नए कर्मचारी के आधार पर हर महीने आर्थिक सहायता मिलेगी। 10,000 रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी पर अधिकतम 1,000 रुपये। 10,000 से 20,000 रुपये वेतन पर 2,000 रुपये। 20,000 से 1 लाख रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी पर 3,000 रुपये प्रति माह। इसका उद्देश्य कंपनियों को अधिक से अधिक नई भर्तियां करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ पाने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें तय की गई हैं:

आवेदक पहली बार औपचारिक नौकरी कर रहा हो।

कर्मचारी का मासिक वेतन 1 लाख रुपये से अधिक न हो।

कर्मचारी पहली बार EPFO से जुड़ा हो।

कम से कम 6 महीने तक लगातार नौकरी करना आवश्यक होगा।

जिस कंपनी में नियुक्ति हो, उसका EPFO में पंजीकरण होना जरूरी है।

बिहार सरकार का बड़ा एक्शन! राज्य में दोबारा शुरू हुई जोनल पुलिस व्यवस्था

पटना: बिहार सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव किया है। राज्य में एक बार फिर जोनल पुलिस व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने में पुलिस की क्षमता पहले से अधिक मजबूत होगी।

कई वर्षों बाद फिर लागू हुई व्यवस्था

बिहार में पहले भी जोनल पुलिस प्रणाली लागू थी, जिसमें राज्य को अलग-अलग पुलिस जोनों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पास होती थी, जो अपने क्षेत्र के सभी जिलों की कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखते थे। बाद में वर्ष 2019 में इस व्यवस्था को समाप्त कर जिलों की निगरानी सीधे पुलिस मुख्यालय के माध्यम से की जाने लगी थी।

अपराध नियंत्रण होगा अधिक प्रभावी

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पुलिस जोन का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) उनके साथ सीधे समन्वय बनाए रखेंगे। यदि किसी जिले में बड़ा अपराध, सांप्रदायिक तनाव, दंगा, आंदोलन या अन्य गंभीर घटना होती है, तो जोन स्तर पर तत्काल समीक्षा कर आवश्यक पुलिस बल और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

पुलिस मुख्यालय पर कम होगा दबाव

नई व्यवस्था का एक उद्देश्य पुलिस मुख्यालय पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव को कम करना भी है। जोन स्तर पर निगरानी होने से कई मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर तेजी से किया जा सकेगा। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।

त्योहारों और चुनाव के दौरान लाभ

जोनल व्यवस्था बड़े धार्मिक आयोजनों, त्योहारों, चुनावों और अन्य संवेदनशील अवसरों पर काफी उपयोगी साबित हो सकती है। यदि एक साथ कई जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है, तो जोन स्तर से तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल और संसाधनों का समन्वय किया जा सकेगा।

यूपी में बनेगा रिंग रोड, 4 जिलों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने और शहरों में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की दिशा में एक और बड़ी पहल शुरू हो गई है। अयोध्या-गोंडा रिंग रोड परियोजना पर तेजी से काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद अयोध्या, बहराइच, बलरामपुर और बाराबंकी के लाखों लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होने से ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज

करीब 20.57 किलोमीटर लंबे पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार ने इस रिंग रोड परियोजना के लिए लगभग 1,646.98 करोड़ रुपये की लागत तय की है। शुरुआती कार्यों के लिए पहले ही धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा

यह रिंग रोड केवल एक नई सड़क नहीं होगी, बल्कि इसमें आधुनिक यातायात सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। परियोजना के तहत तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और पांच छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। इससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित होगा तथा लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रस्तावित रिंग रोड अयोध्या मार्ग पर पराग डेयरी के पास से शुरू होकर कटहा घाट होते हुए लखनऊ मार्ग से जुड़ेगा। इसके बाद यह बहराइच मार्ग से आगे बढ़ते हुए बलरामपुर रोड तक पहुंचेगा। इससे चार प्रमुख जिलों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा तथा यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

अधिकारियों का कहना है कि रिंग रोड बनने के बाद बाहरी जिलों से आने वाले वाहन सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। इससे मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार का फैसला, प्याज किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: देश के प्याज उत्पादक किसानों के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद कीमत में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। इस सीजन में यह छठी बार है जब खरीद मूल्य बढ़ाया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम दिलाने के साथ-साथ आने वाले महीनों के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक तैयार करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर बाजार में प्याज की आपूर्ति बनाए रखी जा सके।

अब इतने रुपये प्रति क्विंटल होगी खरीद

उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 30 जुलाई से महाराष्ट्र में प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) बढ़ाकर 2,335 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यानी किसानों को अब 23.35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब सरकारी खरीद में केवल ग्रेड-ए गुणवत्ता वाले प्याज को ही शामिल किया जाएगा। पहले खरीदे जाने वाले ग्रेड-यूआरएस प्याज की खरीद बंद कर दी गई है।

लक्ष्य से कम हुई खरीद, बढ़ाए गए प्रयास

सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अब तक लगभग 1.05 लाख टन प्याज ही खरीदा जा सका है। लक्ष्य पूरा करने के लिए खरीद अभियान को और तेज किया जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि खरीद की अंतिम तिथि 15 अगस्त तक बढ़ाई जा सकती है, जिससे अधिक किसानों को सरकारी खरीद का लाभ मिल सके।

क्यों बनाया जाता है बफर स्टॉक?

केंद्र सरकार प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड के तहत प्याज का बफर स्टॉक तैयार करती है। जब सितंबर से नवंबर के बीच बाजार में प्याज की आपूर्ति घटती है और कीमतें तेजी से बढ़ने लगती हैं, तब इसी स्टॉक से बाजार में प्याज उपलब्ध कराया जाता है। इससे कीमतों को नियंत्रित रखने और उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद मिलती है।

बाजार में बढ़ रही हैं प्याज की कीमतें

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 29 जुलाई तक देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 35 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। यह एक महीने पहले की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है। वहीं, थोक बाजार में प्याज का औसत भाव 2,760 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहा।

उपलब्धता को लेकर सरकार आश्वस्त

कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद केंद्र सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है। प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और फिलहाल आपूर्ति में किसी बड़ी कमी की आशंका नहीं है

यूपी में ग्राम प्रधानों को बड़ा झटका, सरकार की नई व्यवस्था लागू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में संचालित होने वाली पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना के संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्राम प्रधानों की भूमिका समाप्त कर दी गई है। इसके बाद मिड डे मील योजना से जुड़े बैंक खाते का संचालन विद्यालय प्रबंध समिति (वीएमसी) के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से करेंगे।

अब कौन करेगा मिड डे मील खाते का संचालन?

नई व्यवस्था के अनुसार विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, जो आमतौर पर किसी छात्र के अभिभावक होते हैं, और विद्यालय के प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से मिड डे मील खाते का संचालन करेंगे। भोजन तैयार कराने के लिए मिलने वाली सरकारी राशि का उपयोग और रसोइयों के मानदेय का भुगतान भी यही दोनों मिलकर करेंगे। पहले यह जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से निभाई जाती थी, लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा जोर

बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से पीएम पोषण योजना के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और भोजन की गुणवत्ता पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी। हाल के समय में सरकार ने बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की नियमित जांच और निगरानी के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी क्रम में पहले छात्रों की माताओं को भोजन की गुणवत्ता की निगरानी में शामिल किया गया था और अब खाते के संचालन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।

ग्राम प्रधानों ने जताई नाराजगी

सरकार के इस फैसले के बाद ग्राम प्रधान संगठनों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जब पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब मिड डे मील योजना के संचालन से उन्हें अलग करना उचित नहीं है। उनका तर्क है कि इससे ग्राम पंचायतों की भूमिका कमजोर होगी और स्थानीय स्तर पर समन्वय प्रभावित हो सकता है।

विद्यालय प्रबंध समिति की जिम्मेदारी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यालय प्रबंध समिति की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। समिति के अध्यक्ष को अब योजना के वित्तीय संचालन, भोजन व्यवस्था की निगरानी और निर्धारित मानकों के पालन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इससे अभिभावकों की भागीदारी भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

यूपी के वाहन मालिकों को खुशखबरी! अब घर बैठे ऑनलाइन होंगे 39 काम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लाखों वाहन मालिकों और ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए राहत भरी खबर है। परिवहन विभाग ने अपनी ऑनलाइन सेवाओं को और अधिक आसान बनाते हुए सारथी और वाहन पोर्टल की कुल 39 सेवाओं को ऑटो अप्रूवल प्रणाली से जोड़ दिया है। अब पात्र आवेदकों को कई जरूरी कार्यों के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

आधार सत्यापन के बाद मिलेगा तुरंत लाभ

नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को आधार आधारित प्रमाणीकरण करना होगा। इसके बाद यदि आवेदन सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करता है, तो उसे बिना मैन्युअल हस्तक्षेप के स्वतः मंजूरी मिल जाएगी। इससे आवेदन प्रक्रिया तेज होगी, समय की बचत होगी और कार्यालयों में भीड़ भी कम होगी।

सारथी पोर्टल पर मिलेंगी कई सुविधाएं

ऑटो अप्रूवल व्यवस्था के तहत ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इनमें लर्निंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस, पता परिवर्तन, नाम परिवर्तन, मोबाइल नंबर अपडेट, फोटो और हस्ताक्षर में बदलाव, अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट, पीएसवी बैज, कंडक्टर लाइसेंस से संबंधित विभिन्न सेवाएं तथा अन्य कई सुविधाएं शामिल हैं।

वाहन पोर्टल पर भी आसान प्रक्रिया

वाहन मालिकों को पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) से जुड़ी कई सेवाओं के लिए अब आरटीओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था में डुप्लीकेट आरसी, पता परिवर्तन, वाहन स्वामित्व हस्तांतरण, अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC), विशेष परमिट, डुप्लीकेट परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र की डुप्लीकेट कॉपी और हाइपोथिकेशन जोड़ने या हटाने जैसी सेवाएं ऑनलाइन ऑटो अप्रूवल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।

डिजिटल सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

परिवहन विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराना है, ताकि नागरिकों को पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें। फेसलेस सेवा प्रणाली लागू होने से लोगों का समय बचेगा, अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया कम होगी और कार्यालयों पर काम का बोझ भी घटेगा।

बिहार में शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी, मंत्री ने दिया अपडेट

पटना: बिहार सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानकों के अनुसार राज्य में शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन किया गया है। समीक्षा में सामने आया कि बिहार में 1,60,288 शिक्षक निर्धारित आवश्यकता से अधिक संख्या में कुछ जिलों में कार्यरत हैं, जबकि कई जिलों में अब भी शिक्षकों की कमी है। ऐसे में अतिरिक्त शिक्षकों को जरूरत वाले जिलों में भेजने की तैयारी की जा रही है।

30 छात्रों पर एक शिक्षक का है मानक

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक का प्रावधान है। इसी मानक के आधार पर पूरे राज्य में शिक्षकों की संख्या का विश्लेषण किया गया। समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि कुछ जिलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए स्थानांतरण नीति लागू की जा रही है।

पटना के लिए बनेगी अलग नीति

शिक्षा मंत्री ने बताया कि पटना जिला, विशेषकर शहरी क्षेत्र में, शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है। इसलिए राजधानी में शिक्षकों के पदस्थापन के लिए अलग नीति तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों में भी पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराना है।

हर पांच साल पर होगा स्थानांतरण

सरकार ने स्थानांतरण नीति में भी बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब हर पांच वर्ष पर शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे पहले सेवा अवधि में स्थानांतरण के अवसर सीमित थे, लेकिन नई व्यवस्था से शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

आवेदन के लिए हेल्पलाइन शुरू

स्थानांतरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए दो टोल-फ्री नंबर 14417 और 18003454417 जारी किए हैं। ये हेल्पलाइन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सक्रिय रहेंगी। इसके अलावा ई-शिक्षा पोर्टल से संबंधित सहायता के लिए 9523300520 और 9430820499 नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं।

प्रशांत किशोर ने कर दिया खेला? बिहार उपचुनाव में जीत के आसार, सर्वे

पटना: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतदान के साथ ही चुनावी चर्चा एग्जिट पोल पर केंद्रित हो गई है। कुछ सर्वेक्षणों में जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को बढ़त दिखाई गई है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का मजबूत संगठन और पारंपरिक वोट बैंक मुकाबले को आखिरी समय तक रोचक बनाए रख सकता है।

मतदान प्रतिशत ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

इस उपचुनाव में कुल 34.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पिछली बार 2025 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर 41.39 प्रतिशत मतदान हुआ था। यानी इस बार मतदान में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कम मतदान के कारण चुनावी नतीजों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक आकलन सामने आ रहे हैं।

एग्जिट पोल में क्या दिख रहा है?

कुछ निजी सर्वे एजेंसियों ने मतदान के बाद जारी अपने अनुमान में प्रशांत किशोर को बढ़त मिलने का दावा किया है।

जनमत पोल्स के अनुसार:

प्रशांत किशोर: 49-52% वोट

भाजपा: 34-36%

राजद: 9-10%

डीवी रिसर्च के एग्जिट पोल में:

प्रशांत किशोर: 43%

भाजपा: 39%

राजद तीसरे स्थान पर

एजेंसी का दावा है कि यह अनुमान 1,580 मतदाताओं से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। वहीं पोल पंडित के सर्वे में भी प्रशांत किशोर को 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिलने का अनुमान जताया गया है।

भाजपा के पक्ष में कौन से समीकरण?

हालांकि कुछ एग्जिट पोल जन सुराज के पक्ष में रुझान दिखा रहे हैं, लेकिन राजनीतिक जानकार भाजपा को मुकाबले से बाहर नहीं मान रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार कम मतदान की स्थिति में मजबूत बूथ प्रबंधन और संगठित कार्यकर्ता नेटवर्क निर्णायक भूमिका निभा सकता है। भाजपा लंबे समय से बांकीपुर सीट पर मजबूत संगठन के साथ चुनाव लड़ती रही है, जिसका फायदा उसे मिल सकता है।

क्या प्रशांत किशोर नया वोट बैंक बना पाए?

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि क्या प्रशांत किशोर पारंपरिक समीकरणों से अलग नया वोट बैंक तैयार करने में सफल हुए हैं। जन सुराज की रणनीति नए मतदाताओं और विभिन्न दलों के असंतुष्ट वोटों को अपने पक्ष में लाने की रही है। यदि यह रणनीति सफल हुई, तो बांकीपुर में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल सकता है।

3 अगस्त 2026 को होगा इसपर अंतिम फैसला

फिलहाल एग्जिट पोल केवल अनुमान हैं और इन्हें अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। वास्तविक तस्वीर 3 अगस्त को मतगणना के बाद ही साफ होगी। तब पता चलेगा कि बांकीपुर में भाजपा अपना गढ़ बचाने में सफल रही या प्रशांत किशोर ने पहली ही कोशिश में बड़ा राजनीतिक संदेश देने में कामयाबी हासिल की।

केंद्र सरकार का फैसला! देशभर के किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों, यानी वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले पर ₹3,15,614 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से किसानों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी, जिससे खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

2019 में शुरू हुई थी योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 दिए जाते हैं। यह राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।

सरकार ने जारी किए आंकड़े

केंद्र सरकार के अनुसार PM-किसान योजना देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजनाओं में शामिल है। अब तक इसके तहत करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है।

योजना से जुड़े प्रमुख आंकड़े:

अब तक 23 किस्तों के माध्यम से किसानों के खातों में ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।

23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,984 करोड़ से ज्यादा की सहायता प्रदान की गई।

कोविड-19 महामारी के दौरान किसानों को राहत देने के लिए ₹1.71 लाख करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई।

महिला किसानों को अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता मिली है। सरकार के अनुसार योजना के प्रत्येक चार लाभार्थियों में लगभग एक महिला किसान शामिल है।

24वीं किस्त कब आ सकती है?

PM-किसान योजना के तहत किस्तें हर चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती हैं। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को किसानों के खातों में भेजी गई थी। इसी क्रम में 24वीं किस्त अक्टूबर 2026 के आसपास जारी होने की संभावना है। हालांकि इसकी अंतिम तिथि केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय मानी जाएगी।

शनि का प्रचंड प्रभाव! इन 4 राशियों पर होगी धन वर्षा, हर काम में मिलेगी सफलता

राशिफल। ज्योतिष में शनि देव को कर्म, न्याय, अनुशासन और परिश्रम का ग्रह माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब शनि की स्थिति अनुकूल होती है, तो व्यक्ति को उसके प्रयासों का उचित फल मिलता है। आज शनि का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक माना जा रहा है। करियर, व्यापार, आर्थिक मामलों और मान-सम्मान के क्षेत्र में शुभ परिणाम मिलने के संकेत हैं।

वृषभ राशि

आज का दिन वृषभ राशि के जातकों के लिए लाभदायक रह सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यापारियों को नए सौदे या ग्राहकों से लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और किसी पुराने निवेश से भी फायदा मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए आज शनि का प्रभाव सकारात्मक परिणाम दे सकता है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलने की संभावना है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का मार्ग खोल सकती हैं। व्यापार में लाभ के अवसर बनेंगे और परिवार का सहयोग भी प्राप्त होगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। यदि कोई नया कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल माना जा सकता है। कोर्ट-कचहरी या सरकारी कार्यों में भी राहत मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए आज शनि का प्रभाव विशेष रूप से शुभ रह सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ होगा और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत हैं।

बिहार में ट्रैफिक चेकिंग के नए आदेश, सिपाही और जमादार नहीं करेंगे वाहन जांच

पटना: बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब सिपाही और सहायक अवर निरीक्षक (ASI) सड़क पर वाहनों की जांच नहीं कर सकेंगे। वाहन चेकिंग का अधिकार केवल सब-इंस्पेक्टर (SI/दारोगा) या उससे वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया है। इस संबंध में एडीजी (ट्रैफिक) ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

वाहन जांच का अधिकार अब इन अधिकारियों को

नए आदेश के अनुसार ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात सिपाही और एएसआई का मुख्य कार्य यातायात को सुचारु बनाए रखना, जाम की स्थिति को नियंत्रित करना और सड़क पर व्यवस्था बनाए रखना होगा। वाहन रोककर दस्तावेजों की जांच या चालान की कार्रवाई केवल दारोगा अथवा उससे ऊपर के अधिकारी ही करेंगे।

नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सिपाही या एएसआई आदेश के बावजूद वाहन जांच करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नियमों के पालन की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया जाएगा। किसी भी शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिसकर्मी पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बॉडी वॉर्न कैमरा रखना होगा चालू

नई व्यवस्था में ट्रैफिक ड्यूटी और वाहन जांच के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा चालू रखना भी अनिवार्य किया गया है। यदि जांच के समय कैमरा बंद पाया जाता है और किसी वाहन चालक के साथ विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस अधिकारी की होगी। इस कदम का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को रिकॉर्ड करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

पीक आवर में अधिकारी रहेंगे सड़क पर

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि व्यस्त समय के दौरान पर्यवेक्षी अधिकारी स्वयं सड़क पर मौजूद रहेंगे। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाने और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही निर्णय लेने में सुविधा होगी।

पटना में ट्रैफिक प्रबंधन का नया मॉडल

राजधानी पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए नई कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है। अब पुलिसकर्मियों को किसी एक चौराहे की बजाय पूरे सड़क मार्ग या निर्धारित क्षेत्र की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस नो-पार्किंग जोन तय करने, आवश्यक स्थानों पर वन-वे व्यवस्था लागू करने और अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों को सुझाव भी देगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! 8वें वेतन आयोग पर सरकार ने दी नई जानकारी

नई दिल्ली: आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से अहम जानकारी सामने आई है। वेतन आयोग के गठन के बाद से कर्मचारियों के बीच यह सवाल लगातार बना हुआ है कि नई वेतन संरचना कब लागू होगी और बढ़ी हुई सैलरी का लाभ कब से मिलेगा।

मई 2027 तक आ सकती है आयोग की रिपोर्ट

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन किया था। वित्त मंत्रालय के अनुसार आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस आधार पर आयोग के मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने की संभावना है।

रिपोर्ट के बाद क्या होगी प्रक्रिया?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोग की रिपोर्ट आने के साथ ही नई सैलरी लागू नहीं होगी। पहले केंद्र सरकार आयोग की सभी सिफारिशों की विस्तृत समीक्षा करेगी। इसके बाद आवश्यक होने पर उनमें संशोधन किए जा सकते हैं। अंतिम निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।

आयोग को मिली है स्वतंत्रता

वित्त मंत्रालय के अनुसार 8वें वेतन आयोग को अपनी कार्यप्रणाली तय करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। आयोग अपनी बैठकों, कर्मचारी संगठनों से चर्चा और सुझावों पर स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। फिलहाल विभिन्न राज्यों और शहरों में कर्मचारी संगठनों तथा अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि अंतिम रिपोर्ट व्यापक विचार-विमर्श के आधार पर तैयार की जा सके।

फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या है मांग?

कर्मचारी संगठनों की सबसे प्रमुख मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू है। कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 3.68 करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक फिटमेंट फैक्टर को 3.68 करने या किसी अन्य संख्या पर तय करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

कर्मचारियों की निगाहें सरकार के फैसले पर

फिलहाल लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद सरकार के निर्णय से ही यह स्पष्ट होगा कि नई वेतन संरचना कब लागू होगी और कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी।

बिहार में नौकरी की बड़ी खुशखबरी! 1.72 लाख पदों पर होगी बंपर बहाली

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए 1,72,218 रिक्त पदों की अधियाचना विभिन्न आयोगों और चयन एजेंसियों को भेजी जा चुकी है। इन पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती की जाएगी, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिल सकता है।

1.72 लाख से अधिक पदों पर होगी भर्ती

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहेल ने जानकारी दी कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने के लिए तेजी से काम कर रही है। भेजी गई अधियाचनाओं में शिक्षा विभाग की टीआरई-4 भर्ती के अलावा कई अन्य विभागों के पद भी शामिल हैं। संबंधित आयोग और चयन संस्थाएं भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटी हैं।

कई विभागों को मिलेगा नया स्टाफ

सरकार का उद्देश्य लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है। भर्ती पूरी होने के बाद शिक्षा, प्रशासन और अन्य विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर होने की उम्मीद है। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की संभावना जताई जा रही है।

युवाओं के लिए बड़ा अवसर

1.72 लाख से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी बिहार के लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद न केवल बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पद भरने से प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है। अब अभ्यर्थियों की नजर संबंधित आयोगों और विभागों द्वारा जारी होने वाली भर्ती अधिसूचनाओं पर रहेगी।

कल सूर्य देव का होगा चमत्कारी प्रभाव! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। ज्योतिष में सूर्य देव को आत्मविश्वास, नेतृत्व, मान-सम्मान, ऊर्जा और सफलता का कारक ग्रह माना जाता है। जब सूर्य की स्थिति अनुकूल होती है, तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कल का दिन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहने की संभावना है। करियर, व्यापार, आर्थिक मामलों और सामाजिक प्रतिष्ठा में लाभ के संकेत मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव माने जाते हैं। ऐसे में कल का दिन इस राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापार में भी लाभदायक अवसर मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए सूर्य का प्रभाव करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ और निवेश से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए कल का दिन भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए सूर्य का शुभ प्रभाव आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और भविष्य की योजनाओं पर काम आगे बढ़ सकता है।

60 की उम्र में भी रहेंगे फिट और ताकतवर! रोज़ करें ये 4 काम, शरीर रहेगा जवान

हेल्थ डेस्क: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव होते हैं। 60 वर्ष के बाद मांसपेशियों की ताकत कम होना, जोड़ों में दर्द, जल्दी थकान और ऊर्जा में कमी जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस उम्र में भी शरीर को सक्रिय, मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है।

1. रोज़ हल्की एक्सरसाइज और पैदल चलना जरूरी

60 वर्ष की उम्र के बाद नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी है। रोज़ाना 30 से 45 मिनट तेज चाल से पैदल चलना, हल्का योग, स्ट्रेचिंग या उम्र के अनुसार व्यायाम करने से मांसपेशियां मजबूत रहती हैं। इससे शरीर का संतुलन बेहतर होता है और हृदय भी स्वस्थ रहता है।

2. प्रोटीन और पौष्टिक भोजन को दें प्राथमिकता

बढ़ती उम्र में शरीर को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। भोजन में दालें, दूध, दही, पनीर, अंडा (यदि खाते हों), हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और सूखे मेवे शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। पर्याप्त प्रोटीन लेने से मांसपेशियों की मजबूती बनी रहती है, जबकि कैल्शियम और विटामिन-डी हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

3. पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी

अच्छी सेहत के लिए रोज़ाना 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना जरूरी है। पर्याप्त आराम मिलने से शरीर की मरम्मत बेहतर ढंग से होती है और मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। ध्यान, प्राणायाम, संगीत सुनना या परिवार के साथ समय बिताना तनाव कम करने में मददगार हो सकता है।

4. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं

60 वर्ष के बाद समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना बेहद महत्वपूर्ण है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, आंखों और हड्डियों की जांच कराते रहने से कई बीमारियों का समय रहते पता चल सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेना और नियमित फॉलो-अप कराना भी जरूरी है।

इन आदतों से मिल सकते हैं कई फायदे

यदि नियमित रूप से इन चार बातों का पालन किया जाए तो शरीर अधिक सक्रिय रह सकता है। मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने, हड्डियों को मजबूत रखने, हृदय स्वास्थ्य बेहतर करने, वजन नियंत्रित रखने और मानसिक रूप से सक्रिय रहने में मदद मिल सकती है। इससे रोजमर्रा के काम आसानी से किए जा सकते हैं और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है।

2 अगस्त से पलटेगी किस्मत! 5 राशियों पर बरसेगी लक्ष्मी जी की कृपा, मिलेगा बड़ा धन लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 2 अगस्त से 8 अगस्त के बीच ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव से कई शुभ योग बनने के संकेत हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कुछ राशियों के लिए धन, करियर, व्यापार और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। इस दौरान किए गए प्रयासों का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है और आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर बन सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रह सकता है। लंबे समय से रुका हुआ धन मिलने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं और निवेश से भी लाभ होने की संभावना है। परिवार में सुखद माहौल बना रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए करियर में प्रगति के अच्छे योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में लाभ के अवसर बनेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है और किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय नई शुरुआत करने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। साझेदारी में किए गए कार्यों से लाभ मिल सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और व्यापार में मुनाफा बढ़ सकता है। यदि किसी नए काम की योजना बना रहे हैं तो परिस्थितियां अनुकूल रह सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय लाभदायक साबित हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में नए ग्राहक और नए अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। भविष्य की योजनाओं पर काम आगे बढ़ सकता है।

सुबह-सुबह खाएं ये 5 चीजें, दिनभर रहेगा शरीर ऊर्जावान और फिट

हेल्थ डेस्क। दिन की अच्छी शुरुआत का सबसे बड़ा आधार संतुलित और पौष्टिक नाश्ता माना जाता है। रातभर के लंबे अंतराल के बाद शरीर को ऊर्जा, पोषण और पर्याप्त तरल की जरूरत होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सुबह सही खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाए, तो दिनभर ऊर्जा बनी रहती है, पाचन बेहतर होता है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं।

1. भीगे हुए बादाम

रातभर पानी में भिगोए गए 5 से 6 बादाम सुबह खाने से शरीर को हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन-ई और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। ये मस्तिष्क के स्वास्थ्य, त्वचा और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। बादाम का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है।

2. मौसमी फल

सुबह सेब, पपीता, अमरूद, संतरा या अन्य मौसमी फल खाने से शरीर को फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। ये पाचन को बेहतर बनाने, शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को सहयोग देने में सहायक हो सकते हैं।

3. दही

दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। साथ ही इसमें कैल्शियम और प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में होता है। यदि मौसम और स्वास्थ्य की स्थिति अनुकूल हो, तो सुबह सादा दही या दही के साथ फल का सेवन किया जा सकता है।

4. अंकुरित अनाज

अंकुरित मूंग, चना या मिश्रित स्प्राउट्स प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी विटामिन का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। नियमित रूप से सीमित मात्रा में अंकुरित अनाज खाने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है।

5. गुनगुना पानी

सुबह उठने के बाद एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। पर्याप्त पानी का सेवन पाचन क्रिया को सामान्य बनाए रखने और दिनभर तरल संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! केंद्र सरकार ने अगले 5 साल के लिए दिया बड़ा तोहफा

नई दिल्ली: देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इस अवधि के लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया है, ताकि पात्र किसान परिवारों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहे।

हर साल मिलते रहेंगे 6,000 रुपये

पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े जरूरी खर्चों में आर्थिक सहयोग देना है।

2019 से करोड़ों किसानों को लाभ

इस योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। तब से अब तक 23 किस्तों के माध्यम से किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को समय पर खेती में निवेश करने में मदद मिली है।

खेती में निवेश बढ़ाने में मिली मदद

पीएम-किसान योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग किसान बीज, खाद, सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद में कर रहे हैं। इससे खेती की लागत का प्रबंधन आसान हुआ है और कई किसानों की अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता भी कम हुई है।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

योजना में आधार सत्यापन और डीबीटी प्रणाली का उपयोग होने से सहायता राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हुई है। डिजिटल प्रणाली के कारण भुगतान प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हुई है।

शादीशुदा कर्मचारियों को खुशखबरी! EPFO की नई गाइडलाइन लागू

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ खाताधारकों के लिए नॉमिनेशन से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। नए दिशानिर्देश के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी का विवाह हो जाता है, तो शादी से पहले किया गया पुराना नॉमिनेशन स्वतः प्रभावहीन माना जाएगा। ऐसे में विवाह के बाद पीएफ खाते में नया ई-नॉमिनेशन दर्ज करना आवश्यक होगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी से बचा जा सके।

शादी के बाद नॉमिनेशन अपडेट करना क्यों जरूरी?

ईपीएफओ का कहना है कि विवाह के बाद परिवार की कानूनी स्थिति बदल जाती है। यदि सदस्य समय रहते नया नॉमिनेशन दर्ज नहीं करता और किसी कारणवश उसके साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो पीएफ की राशि और अन्य लाभों के भुगतान में देरी या विवाद की स्थिति बन सकती है। इसलिए संगठन ने सभी सदस्यों को अपने खाते की जानकारी समय-समय पर अपडेट रखने की सलाह दी है।

सिर्फ पीएफ ही नहीं, इन योजनाओं पर भी लागू

नॉमिनेशन से जुड़ा यह प्रावधान केवल कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) तक सीमित नहीं है। यह कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) पर भी लागू होता है। EDLI योजना के तहत पात्र परिवार को अधिकतम 7 लाख रुपये तक का जीवन बीमा लाभ मिल सकता है। यदि नॉमिनेशन सही ढंग से अपडेट नहीं है, तो इस लाभ के दावे में भी कठिनाई आ सकती है।

नॉमिनी चुनने की मिलेगी सुविधा

नई व्यवस्था के तहत सदस्य केवल पति या पत्नी को ही नॉमिनी बनाने के लिए बाध्य नहीं हैं। नियमों के अनुसार परिवार के अन्य पात्र सदस्यों, जैसे माता-पिता, जीवनसाथी या बच्चों को भी नॉमिनी बनाया जा सकता है। यदि कोई सदस्य चाहे तो एक से अधिक लोगों को नॉमिनी बनाकर उनके हिस्से का प्रतिशत भी तय कर सकता है।

घर बैठे पूरी होगी प्रक्रिया

ईपीएफओ ने नॉमिनेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बना दिया है। इसके लिए किसी कार्यालय जाने या नियोक्ता की अलग से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है। सदस्य अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड से EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद 'Manage' सेक्शन में जाकर 'e-Nomination' विकल्प चुनकर नॉमिनी की जानकारी दर्ज करनी होती है। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए ई-साइन करने के बाद प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

यूपी से गुजरेगा अटल एक्सप्रेस-वे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच सड़क संपर्क को नई दिशा देने के लिए अटल एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा से उत्तर प्रदेश के इटावा तक बनाया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद तीन राज्यों के बीच यात्रा आसान होगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

414 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे

प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 414 किलोमीटर होगी। इसे चार लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तारित भी किया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे चंबल नदी के आसपास के क्षेत्र से होकर गुजरेगा और आधुनिक सड़क सुविधाओं से लैस होगा। वर्तमान में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।

12 घंटे का सफर घटकर होगा 4 घंटे

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यात्रा समय में भारी कमी के रूप में देखने को मिलेगा। फिलहाल इटावा से कोटा तक सड़क मार्ग से पहुंचने में करीब 12 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी लगभग 4 घंटे में पूरी की जा सकेगी। प्रस्तावित मार्ग पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखने की योजना है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।

तीन राज्यों को जोड़ेगा नया कॉरिडोर

अटल एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा से शुरू होकर मध्य प्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा तक पहुंचेगा। परियोजना के तहत राजस्थान में लगभग 94 किलोमीटर, मध्य प्रदेश में करीब 273 किलोमीटर और उत्तर प्रदेश में लगभग 47 किलोमीटर लंबा हिस्सा विकसित किया जाएगा। इससे तीनों राज्यों के बीच आवाजाही और माल परिवहन पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।

इटावा बनेगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र

इस परियोजना के पूरा होने के बाद इटावा उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे जंक्शन बन जाएगा। यहां अटल एक्सप्रेसवे का जुड़ाव पहले से मौजूद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा लिंक एक्सप्रेसवे से होगा। इससे इटावा की रणनीतिक और आर्थिक महत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! सैलरी लिमिट बढ़ाने पर केंद्र सरकार ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली: कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) योजना का लाभ लेने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। लंबे समय से सोशल मीडिया और विभिन्न श्रमिक संगठनों के बीच ESIC की वेतन सीमा बढ़ाए जाने की चर्चाएं चल रही थीं। अब सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि फिलहाल ESIC के लिए निर्धारित 21,000 रुपये मासिक वेतन सीमा में बदलाव करने की कोई योजना नहीं है।

सरकार ने क्या कहा?

संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में ESIC योजना के तहत पात्रता के लिए लागू वेतन सीमा को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। यानी जब तक इस संबंध में कोई नई अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे।

कब हुई थी आखिरी बार वेतन वृद्धि?

ESIC के तहत वेतन सीमा में अंतिम संशोधन वर्ष 2017 में किया गया था। उस समय पात्रता सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रति माह कर दी गई थी। वहीं, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए यह सीमा 25,000 रुपये प्रति माह निर्धारित है।

इसको लेकर ट्रेड यूनियनों की क्या है मांग?

देश के कई श्रमिक संगठन और उद्योग निकाय लगातार सरकार से ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि महंगाई और निजी क्षेत्र में वेतन बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी 21,000 रुपये की सीमा पार कर जाते हैं और ESIC की चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं। इसलिए वे पात्रता सीमा को 25,000 रुपये या 30,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

ESIC के तहत कर्मचारियों को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?

ESIC योजना के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाते हैं। इनमें मुफ्त ओपीडी, दवाएं, जांच, सर्जरी, अस्पताल में भर्ती की सुविधा और जरूरत पड़ने पर ESIC से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज शामिल है। इसके अलावा बीमारी, मातृत्व और अन्य निर्धारित परिस्थितियों में भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।

यूपी के गांवों में घर बनाने वालों के लिए बड़ी खबर, नई गाइडलाइन जारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत अब विकास प्राधिकरण और नगर निकायों से बाहर आने वाले जिला पंचायत क्षेत्रों में भी कुछ श्रेणी के भवनों के निर्माण के लिए मानचित्र (नक्शा) स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। इस निर्णय का उद्देश्य अनियोजित निर्माण पर रोक लगाना, अवैध प्लॉटिंग को नियंत्रित करना और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

किन भवनों के लिए जरूरी होगा नक्शा?

नई गाइडलाइन के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्र में 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल पर या तीन मंजिला भवन का निर्माण करना चाहता है, तो उसे पहले जिला पंचायत से भवन का नक्शा स्वीकृत कराना होगा। यह नियम आवासीय भवनों के साथ-साथ शैक्षणिक, व्यावसायिक और अन्य निर्माण कार्यों पर भी लागू होगा। हालांकि, 300 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर दो मंजिल तक का सामान्य आवासीय भवन बनाने के लिए नक्शा पास कराने की अनिवार्यता नहीं होगी।

भवन निर्माण को मिलेगा नियोजित स्वरूप

सरकार द्वारा लागू नई भवन निर्माण उपविधियों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। इसके जरिए अनधिकृत कॉलोनियों और बिना अनुमति के हो रहे निर्माण पर नियंत्रण रखने की कोशिश की जाएगी। साथ ही भवन निर्माण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर भी जोर दिया गया है।

अवैध कॉलोनियों में निर्माण पर बढ़ेगी सख्ती

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी कॉलोनी या प्लॉटिंग का ले-आउट स्वीकृत नहीं है, तो वहां बनने वाले भवनों का नक्शा मंजूर नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में भवन स्वामियों को भविष्य में कई तरह की प्रशासनिक और वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

बैंक लोन और सुविधाओं पर पड़ सकता है असर

बिना स्वीकृत ले-आउट वाली कॉलोनियों में बने मकानों को बैंक ऋण मिलने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा बिजली, पानी, सड़क, ड्रेनेज और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी दिक्कत आ सकती है। इसलिए प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की वैधता की जांच करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील

जिला पंचायत अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्लॉट खरीदने वाले लोगों से अपील की है कि वे केवल स्वीकृत ले-आउट वाली कॉलोनियों में ही निवेश करें। इससे भविष्य में नक्शा स्वीकृत कराने, बैंक लोन प्राप्त करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।

बुधादित्य राजयोग से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, धन-करियर में मिलेगा बड़ा लाभ

Budhaditya Rajyog 2026: ज्योतिष में सूर्य और बुध की युति को अत्यंत शुभ माना जाता है। जब ये दोनों ग्रह एक ही राशि में साथ आते हैं, तब बुधादित्य राजयोग का निर्माण होता है। इस वर्ष 5 अगस्त 2026 को बुध के कर्क राशि में प्रवेश करने के साथ यह शुभ योग बनेगा, क्योंकि सूर्य पहले से ही कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। यह योग 17 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बुधादित्य राजयोग बुद्धि, वाणी, नेतृत्व क्षमता, व्यापारिक समझ और आर्थिक प्रगति का कारक माना जाता है। इस दौरान कई लोगों को करियर और कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आइए जानते हैं उन 4 राशियों के बारे में, जिनके लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

बुधादित्य राजयोग मेष राशि के जातकों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जो भविष्य में पदोन्नति का आधार बन सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और लाभदायक सौदों का अवसर मिल सकता है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस योग का अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। धन आगमन के नए स्रोत बनने की संभावना भी रहेगी।

कन्या राशि

बुध ग्रह की राशि होने के कारण कन्या राशि के जातकों पर इस योग का प्रभाव अधिक सकारात्मक माना जा सकता है। निवेश से लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिलने की संभावना है। व्यापारियों के लिए नए अनुबंध और लाभ के अवसर सामने आ सकते हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुधादित्य राजयोग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में उन्नति के संकेत हैं। आय में वृद्धि हो सकती है और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन सकती है। यात्रा से लाभ मिल सकता है तथा नए संपर्क भविष्य में आर्थिक फायदा दिला सकते हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल बना रहेगा।

बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी, 5 प्रखंडों में बनेंगे 26 चेकडैम

न्यूज डेस्क: बिहार के अरवल जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खेती के लिए पानी की कमी से जूझ रहे किसानों को अब बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। जिले के सभी पांच प्रखंडों में 26 चेकडैम बनाने की योजना तैयार की गई है। विभागीय प्रक्रिया अंतिम चरण में है और मंजूरी के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

5 प्रखंडों में बनेंगे 26 चेकडैम

योजना के तहत अरवल जिले के पांचों प्रखंडों में कुल 26 चेकडैम बनाए जाएंगे। इनमें सबसे अधिक निर्माण कुर्था प्रखंड में होगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार अरवल प्रखंड में 5, कलेर में 7, कुर्था में 12, करपी में 1 और बंसी प्रखंड में 1 चेकडैम का निर्माण किया जाएगा। इनकी लंबाई आवश्यकता के अनुसार लगभग 9 मीटर से 15 मीटर तक होगी।

एक चेकडैम से कई गांवों को लाभ

प्रत्येक चेकडैम से आसपास के दो से तीन गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी। बरसात के दौरान नालों, आहर और पईन का पानी इन चेकडैमों में संग्रहित किया जाएगा। बाद में स्लुइस गेट के माध्यम से जरूरत के अनुसार पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इससे किसानों को फसल के महत्वपूर्ण समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।

नौ महीने तक रहेगा पानी का भंडारण

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि चेकडैम में वर्ष के लगभग नौ महीने तक पानी सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे केवल सिंचाई ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय तक पानी उपलब्ध रहने से भूजल स्तर में सुधार होने की संभावना है, जिससे गर्मियों में पेयजल संकट की समस्या भी कम हो सकती है।

ऊंचे खेतों तक भी पहुंचेगा सिंचाई का पानी

परियोजना में ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि ऊंचाई वाले खेतों तक भी पानी आसानी से पहुंच सके। इसके अलावा अधिक वर्षा या बाढ़ की स्थिति में चेकडैम को सुरक्षित रखने के लिए फ्लड स्लुइस चैनल का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि अतिरिक्त पानी का सुरक्षित निकास हो सके और संरचना को नुकसान न पहुंचे।

खेती की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ने की उम्मीद

सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से किसानों की मोटर पंप और अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता कम होगी। इससे सिंचाई की लागत घटेगी और समय पर पानी मिलने के कारण फसलों की उत्पादकता बढ़ने की संभावना भी रहेगी। किसान वर्ष में अधिक फसलें लेने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 1 अगस्त से मिलेगी स्मार्ट आरसी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वाहन मालिकों के लिए 1 अगस्त 2026 से एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। अब नई गाड़ियों के लिए पारंपरिक कागजी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की जगह स्मार्ट कार्ड आधारित आरसी जारी की जाएगी। यह नया कार्ड एटीएम कार्ड के आकार का होगा और इसमें क्यूआर कोड के साथ इलेक्ट्रॉनिक चिप भी लगी होगी।

परिवहन विभाग के अनुसार नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी उपकरण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही तैयार कर लिया गया है। प्रदेश भर में स्मार्ट कार्ड आरसी जारी करने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संबंधित कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की जा चुकी हैं।

अब कागजी आरसी की जगह मिलेगा स्मार्ट कार्ड

अब तक वाहन मालिकों को कागजी आरसी दी जाती थी, जिसे सुरक्षित रखना और हर समय साथ रखना कई बार मुश्किल होता था। नई व्यवस्था में स्मार्ट कार्ड आरसी जारी की जाएगी, जो मजबूत होने के साथ-साथ आधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस होगी। इससे दस्तावेज खराब होने या फटने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

क्यूआर कोड और चिप से होगी तुरंत जांच

स्मार्ट आरसी में लगा क्यूआर कोड और इलेक्ट्रॉनिक चिप वाहन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को सुरक्षित रूप से स्टोर करेंगे। चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के अधिकारी केवल क्यूआर कोड स्कैन करके वाहन की पूरी जानकारी कुछ ही सेकंड में देख सकेंगे। इस तकनीक के जरिए वाहन का रजिस्ट्रेशन, इंजन नंबर, चेसिस नंबर, ईंधन का प्रकार, मालिक का विवरण और अन्य जरूरी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। इससे बार-बार लंबा रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

फर्जी दस्तावेजों पर लगेगी रोक

नई स्मार्ट आरसी का सबसे बड़ा फायदा सुरक्षा को माना जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक चिप में मौजूद डेटा एन्क्रिप्टेड रहेगा, जिससे उसमें छेड़छाड़ करना बेहद कठिन होगा। इससे नकली आरसी तैयार करने या वाहन संबंधी फर्जीवाड़े की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।