परिवहन विभाग के अनुसार नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी उपकरण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही तैयार कर लिया गया है। प्रदेश भर में स्मार्ट कार्ड आरसी जारी करने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संबंधित कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
अब कागजी आरसी की जगह मिलेगा स्मार्ट कार्ड
अब तक वाहन मालिकों को कागजी आरसी दी जाती थी, जिसे सुरक्षित रखना और हर समय साथ रखना कई बार मुश्किल होता था। नई व्यवस्था में स्मार्ट कार्ड आरसी जारी की जाएगी, जो मजबूत होने के साथ-साथ आधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस होगी। इससे दस्तावेज खराब होने या फटने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
क्यूआर कोड और चिप से होगी तुरंत जांच
स्मार्ट आरसी में लगा क्यूआर कोड और इलेक्ट्रॉनिक चिप वाहन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को सुरक्षित रूप से स्टोर करेंगे। चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के अधिकारी केवल क्यूआर कोड स्कैन करके वाहन की पूरी जानकारी कुछ ही सेकंड में देख सकेंगे। इस तकनीक के जरिए वाहन का रजिस्ट्रेशन, इंजन नंबर, चेसिस नंबर, ईंधन का प्रकार, मालिक का विवरण और अन्य जरूरी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। इससे बार-बार लंबा रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
फर्जी दस्तावेजों पर लगेगी रोक
नई स्मार्ट आरसी का सबसे बड़ा फायदा सुरक्षा को माना जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक चिप में मौजूद डेटा एन्क्रिप्टेड रहेगा, जिससे उसमें छेड़छाड़ करना बेहद कठिन होगा। इससे नकली आरसी तैयार करने या वाहन संबंधी फर्जीवाड़े की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

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