सबसे भयंकर मंदी के कगार पर दुनिया, अमेरिका नहीं ये देश बनेगा आर्थिक महाशक्ति

न्यूज डेस्क: कोरोना वायरस ( coronavirus ) द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह कहने के साथ ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि कोरोना वायरस की वजह से ऐसी भयंकर मंदी आ सकती है, जैसी दुनिया ने पिछले कुछ दशकों में नहीं देखी।
कोरोना वायरस ने दुनिया भर में 42 हज़ार से ज्यादा की जान। 
महामारी के प्रकोप के समाजिक और आर्थिक दुष्प्रभाव पर संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के लॉन्च के अवसर पर गुटेरेस ये विचार प्रकट किए। कोरोना वायरस से दुनिया भर में करीब 860,000 लोग संक्रमित हो चुके है और 42,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।

सुपर पॉवर अमरीका पर भी कोरोना का क़हर। 
दुनिया की एकमात्र सुपर पॉवर अमरीका में कोरोना वायरस ने 4,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जो चीन में इस महामारी से मरने वालों की संख्या से भी ज्यादा है। अमरीका में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अस्पताल हैं, चिकित्सा सुविधाएं सबसे बेहतर हैं, सुरक्षा के उपाय में अचूक बताए जाते हैं, लेकिन जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार वहां 189,000 से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।

दुनिया का हर पांचवां कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति अब अमरीकी। 
कोरोना वायरस चीन के वुहान से दुनिया भर में फैला, लेकिन अपने जन्म स्थान में उसका क़हर शांत हो रहा है। यहां तक कि वुहान में सार्वजनिक परिवहन को दोबारा चालू करने के समाचार भी हैं। लेकिन चीनी लापरवाही की वजह से कोरोना वायरस पूरी दुनिया पर क़हर बनकर टूट पड़ा है। यहां तक कि दुनिया के सबसे विकसित देश अमरीका को अपनी 75 फीसदी जनसंख्या को किसी न किसी तरह के लॉकडाउन में रखना पड़ रहा है। वजह यह है कि दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित हर पांचवां व्यक्ति अमरीका का नागरिक है।

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