खबर के अनुसार सरकार ने अधिकारियों को कहा हैं की सूखे की स्थितियों का आकलन कर किसानों को प्रतिदिन 16 घंटे बिजली उपलब्ध कराये। साथ ही साथ वैकल्पिक फसलों की व्यवस्था करें और फसलों की सिंचाई के लिए तुरंत डीजल अनुदान देने की प्रक्रिया को शुरू करें।
आपको बता दें की बिहार में सामान्य से कम बारिश होने के कारण कई जिलों में सूखे जैसे हालात उत्पन हो गए हैं। धान की रोपनी नहीं हो पा रही हैं। जिसे देखते हुए मुख्य सचिव ने सभी डीएम को आगे की आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने सभी जिलों के डीएम को सूखे के हालात को देखते हुए जिला स्तर और पंचायत स्तर पर बैठक बुलाकर आकलन करने के निर्देश दिए हैं। जिन जिलों में धान की रोपनी नहीं हो पाई है या कम हुई है, उनका आकलन कर किसानों को मदद पहुंचाया जायेगा। इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं।

0 comments:
Post a Comment