खबर के अनुसार 4 अगस्त, 2022 को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय सेना ने महाराष्ट्र के केके रेंज में लेज़र-गाइडेड एटीजीएम का सफल परीक्षण किया था। इस परीक्षण में मुख्य युद्धक टैंक (एमबीटी) अर्जुन से मिसाइलों को लॉन्च किया गया था।
ATGM की 5 बड़ी ताकत।
1 .उच्च सटीकता: लेज़र गाइडेंस सिस्टम के कारण, ये मिसाइल लक्ष्य पर सटीकता से प्रहार कर सकती हैं, जिससे टैंकों और अन्य बख्तरबंद वाहनों को भेदने की क्षमता बढ़ जाती है।
2 .लंबी रेंज: इन मिसाइलों की फायरिंग रेंज काफी लंबी होती है, जिससे ऑपरेटर सुरक्षित दूरी से लक्ष्य को साध सकते हैं।
3 .फायर-एंड-फॉरगेट: यह फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक पर आधारित हैं, जिसका अर्थ है कि एक बार फायर करने के बाद, ऑपरेटर को मिसाइल के मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं होती है।
4 .विविधता: ये मिसाइल विभिन्न प्लेटफार्मों (जैसे, वाहनों, हेलिकॉप्टरों और स्थिर लांचर) से लॉन्च की जा सकती हैं, जिससे उनके उपयोग में लचीलापन मिलता है।
5 .उन्नत वारहेड: इनमें उच्च क्षति पहुँचाने वाले वारहेड्स होते हैं, जो बख्तरबंद लक्ष्यों को प्रभावी तरीके से नष्ट कर सकते हैं, चाहे वे किसी भी प्रकार के हों।
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