दुनिया में 10 देशों पर है सबसे ज्यादा कर्ज, देखें सूचि

नई दिल्ली: विश्व के सबसे विकसित और प्रभावशाली देशों में से कई पर भारी कर्ज का बोझ है। यह कर्ज उन देशों की आर्थिक स्थिति, उनके द्वारा किए गए सरकारी खर्चों और अंतर्राष्ट्रीय ऋण पर निर्भर करता है। इन देशों के ऊपर बढ़ता हुआ कर्ज वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन चुका है।

दुनिया में 10 देशों पर है सबसे ज्यादा कर्ज, देखें सूचि

1 .संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) – $33,229 अरब डॉलर: दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज संयुक्त राज्य अमेरिका पर है। अमेरिकी सरकार ने लंबे समय से अपने खर्चों को बढ़ाने के लिए ऋण लिया है, जिसका मुख्य कारण उनके सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों, रक्षा खर्चों और बड़े पैमाने पर किए गए बुनियादी ढांचा निवेश हैं। अमेरिकी अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन उस पर कर्ज का बोझ भी बहुत भारी है।

2 .चीन (China) – $14,692 अरब डॉलर: चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, लेकिन इसके साथ-साथ सरकार पर भी कर्ज का बोझ बढ़ा है। चीन का कर्ज मुख्य रूप से स्थानीय सरकारों, बैंकों और व्यापारिक संस्थाओं से लिया गया है। हालांकि चीन की अर्थव्यवस्था में विशालकाय उत्पादन क्षमता है, लेकिन यह कर्ज आर्थिक अस्थिरता का कारण भी बन सकता है।

3 .जापान (Japan) – $10,797 अरब डॉलर: जापान एक विकसित और मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश है, लेकिन वहां भी कर्ज की स्थिति गंभीर है। जापान सरकार पर कर्ज का मुख्य कारण वृद्धावस्था के कारण बढ़ते सामाजिक कल्याण खर्च हैं। जापान का सार्वजनिक ऋण अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मुकाबले दुनिया में सबसे अधिक है।

4 .यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) – $3,469 अरब डॉलर: ब्रिटेन भी कर्ज के मामले में काफी आगे है। यहां पर सरकार का कर्ज मुख्य रूप से सरकारी खर्चों और विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन योजनाओं की वजह से बढ़ा है। हालांकि ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति मजबूत है, लेकिन कर्ज का स्तर बढ़ने से वित्तीय दबाव भी महसूस हो रहा है।

5 .फ़्रांस (France) – $3,354 अरब डॉलर: फ्रांस का कर्ज काफी बढ़ चुका है, और यह कर्ज मुख्य रूप से सरकारी खर्चों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और दीर्घकालिक निवेशों के कारण बढ़ा है। फ्रांस की सरकार ने कई आर्थिक सुधारों के बावजूद अपने कर्ज को नियंत्रित करने में पूरी सफलता प्राप्त नहीं की है।

6 .इटली (Italy) – $3,141 अरब डॉलर: इटली की सरकार पर भी भारी कर्ज का बोझ है। इटली की अर्थव्यवस्था काफी हद तक सार्वजनिक खर्चों पर निर्भर करती है, और यह कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। इटली की कर्ज-से-राशि अनुपात यूरोपीय संघ के औसत से भी अधिक है।

7 .भारत (India) – $3,057 अरब डॉलर: भारत का भी कर्ज बढ़ रहा है, और इसका मुख्य कारण सामाजिक कल्याण योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर बढ़ते खर्च हैं। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था काफी बड़ी है, लेकिन सरकारी कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जो भविष्य में चुनौतियों का कारण बन सकता है।

8 .जर्मनी (Germany) – $2,919 अरब डॉलर: जर्मनी एक प्रमुख यूरोपीय देश है और इसका कर्ज भी काफी बढ़ा हुआ है। जर्मनी का कर्ज मुख्य रूप से सरकारी खर्चों और यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के समर्थन में लिया गया है। हालांकि जर्मनी की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है, फिर भी कर्ज का स्तर चिंताजनक हो सकता है।

9 .कनाडा (Canada) – $2,253 अरब डॉलर: कनाडा पर भी बढ़ता हुआ कर्ज है, जिसका मुख्य कारण सामाजिक खर्चों और सरकारी कार्यक्रमों में वृद्धि है। कनाडा की सरकार ने कई महत्वपूर्ण नीतियों को लागू किया है, लेकिन इसका असर वित्तीय स्थिति पर पड़ रहा है।

10 .ब्राजील (Brazil) – $1,873 अरब डॉलर: ब्राजील, जो लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा देश है, पर भी भारी कर्ज का बोझ है। ब्राजील की सरकार ने सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भारी निवेश किया है, जिससे कर्ज बढ़ा है। हालांकि ब्राजील की अर्थव्यवस्था अब स्थिर हो रही है, फिर भी कर्ज के मुद्दे पर ध्यान देना आवश्यक है।

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