फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी
यह घटना ब्रह्मपुर प्रखंड के गायघाट, बड़की नैनीजोर और चंद्रपुरा के मध्य विद्यालयों में कार्यरत तीन शिक्षकों से संबंधित है। इन शिक्षकों में भारत कुमार यादव, उमेश प्रसाद और राम प्रवेश यादव शामिल हैं, जिन्होंने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षक की नौकरी प्राप्त की थी। विभागीय जांच के दौरान इन प्रमाणपत्रों की सत्यता पर सवाल उठाए गए और जांच में पाया गया कि सभी प्रमाणपत्र फर्जी थे। इसके परिणामस्वरूप, इन शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
पुलिस में प्राथमिकी दर्ज
बर्खास्तगी के बाद, ब्रह्मपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनू कुमार ने इन शिक्षकों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। भारत कुमार यादव के खिलाफ ब्रह्मपुर थाने में, उमेश प्रसाद के खिलाफ नैनीजोर थाने में और राम प्रवेश यादव के खिलाफ भी नैनीजोर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और इन शिक्षकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वेतन वसूली की कार्रवाई
बर्खास्त शिक्षकों से अब वेतन वसूली की कार्रवाई भी की जा रही है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा इन शिक्षकों को वेतन के रूप में जो राशि दी गई थी, उसकी पूरी गणना की जा रही है। इसके आधार पर तीनों शिक्षकों से एकमुश्त राशि वसूलने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस संबंध में संबंधित विभाग ने पत्र भी भेजे हैं और जल्द ही राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
आगे की जांच और कार्रवाई
हालांकि, यह मामला केवल तीन शिक्षकों तक सीमित नहीं है। बताया जा रहा है कि अभी भी कई अन्य शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर अपनी नौकरी कर रहे हैं। इस मामले में विभाग द्वारा तीन अन्य शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की भी जांच की जा रही है। अगर इन शिक्षकों के प्रमाणपत्र भी फर्जी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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