शनिवार को करें 4 मंत्रों का जाप, शनि देव होंगे प्रसन्न
1 .ॐ शं शनैश्चराय नमः
इस मंत्र का जाप शनि देव के लिए किया जाता है। यह शनि ग्रह के प्रभाव को शांत करने के लिए उपयोगी है। शनि देव की पूजा से जीवन में धैर्य, संतुलन और कर्मफल का सही मार्गदर्शन मिलता है।
2 .ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंयोरभिश्रवन्तु नः
यह मंत्र शनि ग्रह से संबंधित दोषों को नष्ट करने और शांति की प्राप्ति के लिए है। इसमें प्रार्थना की जाती है कि जल और शांति की देवी की कृपा हम पर बनी रहे, जिससे हमें सुख और समृद्धि मिले।
3 .ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्
इस मंत्र में शनि देव की महिमा का वर्णन है। "नीलांजनसमाभासं" का मतलब है कि वे काले (नीले) रंग में चमकते हैं, और "रविपुत्रं" से उनका सूर्य के पुत्र होना व्यक्त होता है। इस मंत्र का जाप शनि देव की शांति और समृद्धि के लिए किया जाता है।
4 .ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम। उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात
यह मंत्र "त्रयम्बक" मंत्र के रूप में प्रसिद्ध है और मृत्यु के भय को नष्ट करने के लिए कहा जाता है। यह शनि देव के साथ जीवन के हर क्षेत्र में आशीर्वाद प्रदान करता है और जीवन में समृद्धि और निरोगी स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

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