महिलाओं में इस उम्र के बाद नहीं आते पीरियड्स

धर्म डेस्क: महिलाओं में मासिक धर्म का आना एक प्राकृतिक और महत्वपूर्ण शारीरिक प्रक्रिया है, जो प्रजनन क्षमता के सक्रिय रहने का संकेत देता है। हालांकि, जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती है, उसके शरीर में कई हार्मोनल बदलाव आते हैं, और एक समय ऐसा आता है जब यह प्रक्रिया रुक जाती है। 

आमतौर पर, महिलाओं में 45 से 55 साल की उम्र के बीच मासिक धर्म रुक जाता है, जिसे रजोनिवृत्ति या मेनोपॉज़ कहा जाता है। यह एक सामान्य जैविक घटना है, लेकिन हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है। इसकी जानकारी सभी महिलाओं को होनी चाहिए।

रजोनिवृत्ति (MenoPause) क्या है?

रजोनिवृत्ति तब होती है जब किसी महिला को लगातार 12 महीनों तक मासिक धर्म नहीं आता। यह बदलाव इस वजह से होता है कि महिला के अंडाशय अब एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे प्रमुख हार्मोन का उत्पादन करना बंद कर देते हैं। इस दौरान, मासिक धर्म चक्र धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है, और महिला के शरीर में कई शारीरिक और मानसिक परिवर्तन देखे जाते हैं।

पेरिमेनोपॉज़ (Perimenopause) क्या है?

रजोनिवृत्ति से पहले की अवधि को पेरिमेनोपॉज़ कहा जाता है। यह अवस्था रजोनिवृत्ति से पहले के कुछ सालों तक जारी रह सकती है। इस दौरान, महिला के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है, जिससे मासिक धर्म में अनियमितताएँ आ सकती हैं और अन्य शारीरिक बदलाव भी हो सकते हैं।

रजोनिवृत्ति से जुड़े सामान्य लक्षण:

1 .मासिक धर्म में अनियमितता: मासिक धर्म के समय में बदलाव, कभी अधिक देर से आना, कभी जल्दी आना, या बिल्कुल रुक जाना।

2 .गरमी के झोंके (Hot Flashes): शरीर में अचानक गर्मी महसूस होना, पसीना आना, और कभी-कभी सिरदर्द होना भी रजोनिवृत्ति के संकेत होते हैं।

3 .नींद, मूड में समस्या: रात में नींद का टूटना या बिना कारण जाग जाना, अचानक से मूड में बदलाव, गुस्सा या उदासी।

5 .यौन जीवन में बदलाव: यौन इच्छा में कमी, या योनि में सूखापन महसूस होना आदि की समस्या हो सकती हैं। अगर रजोनिवृत्ति के लक्षणों से परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद ज़रूरी है।

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