बता दें की इस वायरस से सांस की समस्याएं उत्पन्न होती हैं और इसके लिए फिलहाल कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को कोविड-19 जैसी तैयारी करने का निर्देश दिया है, जिसमें पानी पीना, आराम करना, दर्द और सांस की तकलीफ की दवा लेना, और जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन देना शामिल है।
स्वास्थ्य सचिव संजय सिंह ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को फ्लू जैसे रोगों और गंभीर सांस की बीमारियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए रोजाना रिपोर्ट आईएचआईपी पोर्टल पर भेजनी होगी और कोविड-19 की दवाइयां, किट, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और मास्क जैसी आवश्यक चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। जरूरत पड़ने पर अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।
एचएमपीवी के लक्षणों में खांसी, बुखार, नाक बहना, सांस में तकलीफ और गंभीर मामलों में ब्रोंकाइटिस और निमोनिया शामिल हैं। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, छूने, या संक्रमित चीजों के संपर्क में आने से फैलता है। इसका प्रमुख लक्षण सांस की तकलीफ है।

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