पुस्तकालयाध्यक्षों की रिक्तियां
बिहार में पुस्तकालयाध्यक्षों के पदों पर रिक्तियों की स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। वर्ष 2008 के बाद से राज्य में पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। ऐसे में इन रिक्तियों की संख्या अब लगभग दस हजार से अधिक हो गई है। इससे पहले भी एक बार इन रिक्तियों का आंकलन किया गया था, जब लगभग 8,500 पद रिक्त पाए गए थे। अब शिक्षा विभाग द्वारा इन रिक्तियों के आंकड़े मंगवाए गए हैं, ताकि बहाली प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।
बीपीएससी द्वारा रिक्तियों का आंकलन
बीपीएससी (बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन) द्वारा हाल ही में तीसरे चरण में 87,774 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें से 66,608 शिक्षक अंतिम रूप से चयनित हुए थे। हालांकि, 21,166 पद रिक्त रह गए थे। चौथे चरण के लिए अब जिलों से प्राप्त रिक्तियों और तीसरे चरण में बची हुई रिक्तियों को जोड़कर कुल 50,000 से अधिक रिक्तियों की संभावना जताई जा रही है। इन रिक्तियों को भरने के लिए मार्च से अप्रैल तक विज्ञापन जारी किए जा सकते हैं।
पंचायतों में लेखापाल की नियुक्ति
पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायतों और जिला परिषदों में लेखापाल सह आईटी सहायक की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसके लिए विभाग ने 20 जनवरी तक सभी जिलों से रिक्तियों की जानकारी मांगी है। इस बहाली प्रक्रिया के तहत प्रत्येक पंचायत में एक लेखापाल, पंचायत समिति में एक लेखापाल और जिला परिषद में दो-दो लेखापाल की नियुक्ति की जाएगी। ये नियुक्तियां संविदा के आधार पर की जाएंगी।

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