वर्ष 2023-24 में पहले यह व्यवस्था केवल समूह ‘क’ और ‘ख’ के कर्मचारियों के लिए लागू की गई थी। लेकिन इस वर्ष से, समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मियों को भी अपनी एसीआर ऑनलाइन भरनी अनिवार्य कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में एक शासनादेश जारी किया है और सभी विभागाध्यक्षों को इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं।
समूह ‘क’ व ‘ख’ कर्मियों के लिए समय सीमा:
वर्ष 2023-24 में समूह ‘क’ और ‘ख’ कर्मियों के लिए यह ऑनलाइन एसीआर भरने की व्यवस्था अनिवार्य की गई थी, लेकिन इस प्रक्रिया में काफी देरी देखी गई थी। समीक्षा के बाद यह पाया गया कि इस प्रक्रिया में बहुत अधिक लापरवाही थी। अतः, उच्च स्तर पर सहमति बनने के बाद इन कर्मचारियों को एसीआर भरने के लिए 11 फरवरी तक की अतिरिक्त समय-सीमा दी गई है।
इन कर्मियों की संख्या कुल 51,268 है, जिनमें से केवल 6928 कर्मियों की एसीआर अभी तक स्वीकृत हुई है। इस पर मुख्य सचिव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही, प्रतिवेदक, समीक्षक और स्वीकर्ता अधिकारियों को क्रमशः 27 जनवरी, 1 फरवरी और 6 फरवरी तक अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
सिग्नेचर प्रक्रिया:
कर्मचारियों द्वारा किए गए स्वमूल्यांकन, समीक्षा और स्वीकृति पर डिजिटल सिग्नेचर, ई-सिग्नेचर, या मोबाइल से ओटीपी आधारित सिग्नेचर प्रक्रिया लागू होगी।

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