उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि संविदा कर्मियों की भर्ती योग्यता और पात्रता के आधार पर हो, न कि बिचौलियों के माध्यम से जो अक्सर रिश्वतखोरी और शोषण का कारण बनते हैं। श्रम विभाग इस संदर्भ में प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।
इस फैसले के तहत न केवल बिचौलियों को हटाया जाएगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का लाभ भी सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम उन लाखों युवाओं के लिए राहत देने वाला है, जो नौकरी पाने के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहते थे और जिनके लिए सरकारी नौकरी में आरक्षण का लाभ प्राप्त करना कठिन था। अब सरकार द्वारा सीधे भर्ती करने से यह समस्या समाप्त हो जाएगी और आरक्षण का लाभ सीधे उन उम्मीदवारों को मिलेगा जो योग्य होंगे।
सरकार की कोशिश है कि संविदा कर्मियों की भर्ती पारदर्शी तरीके से हो, ताकि किसी भी तरह का शोषण न हो और जो लोग सच में योग्य हैं, उन्हें ही मौका मिले। इस कदम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी नियुक्ति पूरी तरह से ईमानदारी से हो और योग्य कर्मचारियों को ही अवसर मिले। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के श्रमिक कल्याण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
.png)
0 comments:
Post a Comment