राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, इस बढ़ोतरी के तहत शिक्षामित्रों का मानदेय 9 से 10 हजार रुपये से बढ़कर 17 हजार से 20 हजार रुपये तक हो जाएगा। यह निर्णय राज्य सरकार की ओर से एक समान वेतन देने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि वे न्यूनतम मजदूरी के तहत मिलने वाले वेतन से बेहतर जीवन यापन कर सकें।
इसके अलावा, हाल ही में शिक्षामित्रों के लिए मूल स्कूल वापसी और अंतर्जनपदीय ट्रांसफर की सुविधा भी शुरू की गई थी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली थी। अब वेतन बढ़ोतरी का यह कदम उनके लिए दूसरी बड़ी खुशी साबित होगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
इस फैसले के लागू होने से राज्य के करीब 8 लाख कार्मिकों को फायदा होगा, जिनमें शिक्षामित्र, अनुदेशक, और अन्य श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं। वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट में पास कराने की प्रक्रिया में है, और सरकार का मानना है कि वर्तमान में दी जा रही मानदेय राशि उपयुक्त नहीं है, इसलिए इसे बढ़ाने की जरूरत थी।
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