यूपी के गांव-गांव में अब घरौनी का वितरण शुरू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गांवों में अब घरौनी का वितरण शुरू हो गया है, जिससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज प्राप्त हो रहा है। इस पहल के तहत शनिवार को राज्य के 29,000 से अधिक गांवों में 45 लाख से अधिक घरौनियों का वितरण किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना को लेकर बड़े कदम उठाए हैं और घरौनी को गांव और ग्रामीणों की समृद्धि का आधार बनाने का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शेष गांवों में घरौनी बनाने के लिए ड्रोन दीदी के सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। घरौनी के जरिए अब परिवार के हर सदस्य की जानकारी भी शामिल की जा रही है, जो कि संपत्ति के स्वामित्व और इसके कानूनी दर्जे को स्पष्ट करती है।

घरौनी के लाभ

उत्तर प्रदेश में घरौनी निर्माण की प्रक्रिया ग्रामीणों के लिए कई मायनों में लाभकारी साबित हो रही है। इससे न केवल उन्हें अपनी संपत्ति का कानूनी प्रमाण पत्र मिलता है, बल्कि कई संपत्ति विवाद भी समाप्त हो रहे हैं। घरौनी बन जाने से ग्रामीणों को बैंकों से ऋण प्राप्त करने में भी आसानी होगी, क्योंकि यह एक कानूनी दस्तावेज होता है। इसके अलावा, घरौनी के माध्यम से ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि भी हो रही है।

घरौनी निर्माण की प्रक्रिया

घरौनी बनाने के लिए सबसे पहले ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सर्वेक्षण कराया जाता है। ड्रोन से प्राप्त जानकारी के आधार पर घरौनी का प्रारूप तैयार किया जाता है, जिसे संबंधित गांवों में सार्वजनिक किया जाता है। इस रिपोर्ट को गांव की समिति में रखा जाता है, ताकि लोग अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकें। यदि कोई आपत्ति होती है, तो राजस्व विभाग के अधिकारी उसकी जांच करते हैं और समाधान के बाद घरौनी का निर्माण होता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि सभी विवादों का समाधान पारदर्शिता के साथ हो और घरौनी बनाने की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो।

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