एक रिपोर्ट के मुताबिक यह मिसाइल दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही ध्वस्त करने में सक्षम होगी, जिससे भारत की सैन्य ताकत में और भी इजाफा होगा। खास बात यह है कि इसकी रेंज 1,500 किलोमीटर तक होगी, जो इसे चीन और पाकिस्तान के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अत्यधिक प्रभावी बनाता है।
ब्रह्मोस-2 की खासियतें:
ब्रह्मोस-2 को दुनिया की सबसे तेज़ गति वाली मिसाइल, रूसी जिरकॉन की तकनीक से विकसित किया जाएगा। इस तकनीक की मदद से यह मिसाइल हाइपरसोनिक स्पीड तक पहुंचने में सक्षम होगी, जो वर्तमान में किसी भी मिसाइल में नहीं है। यह मिसाइल समुद्र, आकाश, और जमीन से लॉन्च की जा सकती है, यानी यह कई प्लेटफार्मों से हमला करने के लिए तैयार होगी।
इसकी रेंज 1,500 किलोमीटर तक होगी, जिसका मतलब है कि यह दिल्ली से इस्लामाबाद और चीन के किसी भी प्रमुख शहर को निशाना बना सकती है। साथ ही, ब्रह्मोस-2 की खासियत यह है कि इसे सिर्फ 5 से 8 मिनट में अपने टारगेट को नष्ट करने की क्षमता होगी। इसका मतलब यह है कि दुश्मन को कोई भी मौका नहीं मिलेगा और यह किसी भी सैन्य ठिकाने को चुटकियों में ध्वस्त कर सकता है।
चीन और पाकिस्तान पर असर:
चीन और पाकिस्तान, जो भारत के पड़ोसी हैं, इस नई मिसाइल प्रणाली को लेकर चिंतित हैं। उनकी नज़र में यह मिसाइल भारत की सैन्य शक्ति को और भी मजबूत कर देगी, खासकर जब यह इतनी तेज गति और लंबी रेंज में संचालित हो सकेगी। ब्रह्मोस-2 की तैनाती से भारत की रक्षा क्षमता और भी सशक्त होगी और यह दोनों देशों को रणनीतिक रूप से चौंका सकता है। यह मिसाइल भारत की रक्षा नीति को और भी मजबूती देगी और समूचे क्षेत्र में सैन्य संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
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