प्रेशर कुकर में दाल-चावल बनाना सही या गलत?

हेल्थ डेस्क: ICMR-नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ न्‍यूट्रीशन द्वारा जारी की गई डायटरी गाइडलाइंस 2024 के अनुसार, प्रेशर कुकर में पकाने से भोजन में मौजूद कुछ एंटी न्‍यूट्रीशनल फैक्‍टर्स और एंजाइम्‍स टूट जाते हैं, जैसे कि फाइटिक एसिड, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर हो जाता है। यही कारण है कि प्रेशर कुकर का उपयोग फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह हमारे शरीर को ज़िंक, आयरन, कैल्शियम, और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्‍स को अवशोषित करने में मदद करता है।

हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखना जरूरी है:

सीमित पानी डालना: प्रेशर कुकर में खाना पकाते समय पर्याप्त पानी डालना महत्वपूर्ण है। अत्यधिक पानी डालने से पोषक तत्व पानी में घुल सकते हैं, जो फायदेमंद नहीं होता।

ओवरकुकिंग से बचें: अधिक सीटियां लगाने से दाल या चावल अधिक पक सकते हैं, जिससे प्रोटीन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, खासकर लाइसिन जैसे पोषक तत्वों की हानि हो सकती है।

इसके अलावा, नेचुरोपैथी और आयुर्वेद के दृष्टिकोण से भी प्रेशर कुकर में पकाना सुरक्षित है। इस प्रक्रिया में भाप के माध्यम से भोजन पकने से, उसमें मौजूद पोषक तत्व बाहर निकलते हैं और शरीर के लिए अधिक उपयोगी होते हैं। तो, कुल मिलाकर, प्रेशर कुकर में दाल-चावल बनाना सही है, और यह एक बहुत ही सामान्य और सुविधाजनक तरीका है। 

प्रेशर कुकर में दाल और चावल जल्दी पकते हैं, जिससे समय की बचत होती है और खाना पकाने की प्रक्रिया सरल होती है। जब दाल और चावल कुकर में पकते हैं, तो उनकी पौष्टिकता में कोई कमी नहीं आती। प्रेशर कुकर में पकने से पोषक तत्व बच जाते हैं और भोजन सेहतमंद रहता है।

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