बता दें की भारत और चीन दोनों के पास उच्च तकनीकी क्षमता वाले विमानों का एक मिश्रण है। भारत के पास राफेल और सुखोई जैसे उन्नत और शक्तिशाली लड़ाकू विमान हैं। वहीं चीन के पास J-20 और J-10 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मौजूद हैं।
भारत और चीन में किसके पास कितने लड़ाकू विमान:
भारत के लड़ाकू विमान:
सुखोई-30MKI: यह भारत का प्रमुख मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है। रूस के सुखोई विमान पर आधारित इस विमान को भारत ने अपने विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित किया है। भारतीय वायु सेना के पास लगभग 270 सुखोई-30MKI विमान हैं।
राफेल: भारत ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदा है। इन विमानों की अत्यधिक उन्नत तकनीक और हथियार प्रणालियाँ भारतीय वायु सेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। भारत के पास वर्तमान में 36 राफेल विमान हैं, जो उच्च गति और उच्च सीमा वाले विमानों में से एक माने जाते हैं।
मिराज-2000: मिराज-2000 भी भारतीय वायु सेना के महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में से एक है। यह एक हल्का, बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है जो भारतीय वायु सेना के पास 50 से 60 विमान के आस-पास हैं।
जैगुआर: यह एक जेट विमान है जो मुख्यतः हमले के लिए प्रयोग किया जाता है। भारतीय वायु सेना के पास लगभग 100 जैगुआर विमान हैं।
तेजस: हल्का और स्वदेशी लड़ाकू विमान, तेजस भारतीय वायु सेना के लिए एक प्रमुख प्रौद्योगिकी उपलब्धि है। भारतीय वायु सेना ने अब तक 40 से अधिक तेजस विमान खरीदे हैं, और यह संख्या आने वाले वर्षों में बढ़ सकती है।
चीन के लड़ाकू विमान:
चेंगदू J-20: J-20 चीन का सबसे आधुनिक और प्रमुख स्टील्थ लड़ाकू विमान है। यह विमान रडार से बचने की क्षमता और उच्चतम तकनीकी विशेषताओं के साथ आता है। चीन के पास इस समय 150 से 200 के बीच J-20 विमान हैं।
सूहोई Su-30: चीन ने रूस से सुखोई Su-30 विमान खरीदे हैं। यह विमान बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है और चीन के पास लगभग 100 से अधिक Su-30 विमान हैं।
J-10: यह एक हल्का लड़ाकू विमान है, जिसे चीन ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। J-10 विमान चीन के वायु सेना के प्रमुख विमानों में से एक है और इसके पास लगभग 300 विमान हैं।
J-16: J-16 विमान चीन का एक और उन्नत लड़ाकू विमान है जो Su-30 के समान है, और इसका इस्तेमाल भारत के Sukhoi-30MKI विमानों के समान तरीके से किया जा सकता है। चीन के पास 100 से अधिक J-16 विमान हैं।

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