हालांकि, भारत का कुल एक्सपोर्ट अभी भी दुनिया के कुल एक्सपोर्ट में सिर्फ 2.5% है, सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 4-5% करना है। इसके लिए सरकार ने खासतौर पर अमेरिका, मलेशिया, कनाडा, रूस, जर्मनी, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, चीन, जापान, इटली, बेल्जियम और यूके जैसे देशों को लक्षित किया है।
नवंबर महीने में पेट्रोलियम उत्पादों, जेम्स और ज्वैलरी, आयरन ओर और फल-सब्जियों के निर्यात में कुछ चुनौतियां सामने आईं, लेकिन वाणिज्य मंत्रालय नए उत्पादों और बाजारों की तलाश में है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का निर्यात लक्ष्य 800 बिलियन डॉलर रखा गया है।
कृषि उत्पादों में भारत विशेष रूप से केले, तरबूज, अमरूद, शिमला मिर्च, लहसुन, और प्याज पर ध्यान दे रहा है। इसके अलावा, भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की यूरोपीय संघ, अमेरिका और पूर्वी एशिया जैसे देशों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
भारत की सरकार नए बाजारों की तलाश में है, जैसे फ्रांस, सऊदी अरब और केन्या, और दवाइयों के लिए लातविया, चाड और मोंटेनेग्रो जैसे देशों को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही, पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात में वृद्धि हुई है।
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