बता दें की जौनपुर जिले में 70 साल से अधिक उम्र के लगभग 46,486 बुजुर्ग मतदाता हैं, जिन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड दिए जाएंगे। इस योजना के तहत कार्ड बनाने के लिए अब इन बुजुर्गों की पहचान वोटर आईडी से की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य वृद्धजन को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
गांव-गांव शिविरों का आयोजन
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए गांव-गांव शिविर लगाए जाएंगे। जौनपुर जिले की सभी 1736 ग्राम पंचायतों में ब्लॉकवार शिविर आयोजित होंगे, जहां पर बुजुर्गों को कार्ड बनाने के लिए आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। शिविरों के आयोजन से बुजुर्गों को उनके घरों के पास ही आयुष्मान कार्ड बनवाने का अवसर मिलेगा।
अब तक जिले में 11 हजार से ज्यादा बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे, और सभी बुजुर्गों को सही समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस प्रक्रिया के तहत वोटर आईडी कार्ड को पहचान के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि बुजुर्गों की सही पहचान सुनिश्चित हो सके। वोटर आईडी में बुजुर्गों के नाम, पते, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पहले से ही दर्ज रहती है, जिससे आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया सरल और तेज हो जाती है।

0 comments:
Post a Comment