आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए फेसलेस सेवा की शुरुआत
इस नए सिस्टम के तहत, लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और फेसलेस होगी। आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से टेस्ट देने की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे लोगों को कोई भी शारीरिक संपर्क किए बिना घर बैठे ही टेस्ट देने का अवसर मिलेगा। इस सेवा को लागू करने के लिए परिवहन विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं, और यह सुविधा फरवरी के अंत तक या मार्च के पहले सप्ताह तक राज्य के सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध हो जाएगी।
एनआईसी की मदद से होगा आधार ऑथेंटिकेशन
नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) द्वारा आधार ऑथेंटिकेशन की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे नागरिक आसानी से घर बैठे टेस्ट दे सकेंगे। इस प्रक्रिया के तहत, लोग अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं और टेस्ट दे सकते हैं। इसके बाद, उनकी जानकारी की सत्यापन प्रक्रिया आधार के जरिए की जाएगी, और यदि सभी औपचारिकताएं पूरी होती हैं तो लर्निंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
औरंगाबाद जिले में पहले से लागू है यह सुविधा
गौरतलब है कि बिहार में औरंगाबाद एकमात्र जिला है, जहां इस सुविधा का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही लागू किया जा चुका है। वहां के नागरिक पहले ही घर बैठे लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट दे रहे हैं और यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और संपर्क रहित है। औरंगाबाद में इसकी सफलता को देखते हुए अब इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जा रहा है।

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