भारत और चीन की GDP में आज 5 गुना का अंतर

न्यूज डेस्क: भारत और चीन की अर्थव्यवस्था के बीच का अंतर पिछले कुछ दशकों में बहुत बढ़ चुका है। दोनों देशों की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) एक समय समान थी, लेकिन अब इसमें एक विशाल अंतर है। 1991 तक, भारत और चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी लगभग बराबर थी, लेकिन उसके बाद चीन ने कई पहलुओं में तेज़ी से विकास किया, जबकि भारत को अपने विकास में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

चीन की जीडीपी में वृद्धि

चीन की जीडीपी ने 1980 के बाद तेज़ी से वृद्धि की है। 1980 में जहां चीन की जीडीपी दुनिया के अन्य बड़े देशों के मुकाबले काफी छोटी थी, वहीं 2024 में यह भारत से करीब 4.81 गुना अधिक हो गई है। चीन का विनिर्माण क्षेत्र भारत के मुकाबले कहीं अधिक विकसित है, जिससे उसे वैश्विक व्यापार में प्रमुख स्थान मिला है। 1980 के बाद से, चीन की जीडीपी लगभग 61 गुना बढ़ चुकी है, जबकि भारत की जीडीपी केवल 21 गुना बढ़ी है।

चीन के आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण कारण उसकी मजबूत और उन्नत विनिर्माण क्षमता है। चीन ने न केवल घरेलू उत्पादन को बढ़ाया है, बल्कि निर्यात के क्षेत्र में भी तेजी से वृद्धि की है, जिससे उसकी जीडीपी में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही, चीन ने भारी निवेश, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs), और विदेशी व्यापार समझौतों के माध्यम से वैश्विक व्यापार में अपने लिए एक मजबूत स्थान बनाया है।

भारत की जीडीपी और विकास

भारत की जीडीपी ने भी 1980 के बाद बढ़ी है, लेकिन यह वृद्धि चीन के मुकाबले काफी धीमी रही है। हालांकि, भारत ने सॉफ्टवेयर, आईटी और सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे उसका वैश्विक आर्थिक योगदान बढ़ा है, लेकिन विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्र में वह चीन से पीछे रह गया है। भारत की जीडीपी वृद्धि 21 गुना रही है, जो चीन के 61 गुना के मुकाबले बहुत कम है।

भारत में जनसंख्या की बढ़ोतरी और गरीबी की समस्या भी आर्थिक विकास में रुकावट डाल रही हैं। 2024 में भारत में गरीबी का स्तर लगभग 25% है, जबकि चीन में यह आंकड़ा 5% से भी कम है। चीन ने अपनी गरीबी उन्मूलन योजनाओं के तहत लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, जबकि भारत को अभी भी इस दिशा में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कितनी है भारत-चीन की जीडीपी 

चीन की अनुमानित कुल जीडीपी लगभग 18.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (18,700 बिलियन डॉलर) है। प्रति व्यक्ति जीडीपी (PPP) लगभग 14,000 अमेरिकी डॉलर के आसपास है। जबकि भारत की अनुमानित कुल जीडीपी लगभग 3.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है। साल 2024 तक की बात करें तो भारत की प्रति व्यक्ति आय लगभग 2700 डॉलर है। वहीं प्रति व्यक्ति क्रय शक्ति क्षमता करीब 10120 डॉलर है।

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