1960 और 1970 का दशक:
साल 1961 में भारत की GDP लगभग 40 बिलियन डॉलर थी, जबकि चीन की GDP 50 बिलियन डॉलर से कुछ अधिक थी। इस समय दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच अंतर बहुत मामूली था। साल 1963 और 1964 में यह अंतर और भी कम था, और दोनों की GDP 50 बिलियन डॉलर के आसपास थी। लेकिन 1965 के बाद यह अंतर धीरे-धीरे बढ़ने लगा।
1966 में चीन में सांस्कृतिक क्रांति की शुरुआत हुई, जो उसकी अर्थव्यवस्था पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ने वाली घटना साबित हुई। इसके बाद 1969 से चीन की विकास की रफ्तार में तेजी देखी गई। भारत की अर्थव्यवस्था भी उस समय बढ़ रही थी, लेकिन उसकी गति चीन के मुकाबले धीमी थी। 1972 तक चीन की अर्थव्यवस्था ने 100 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया, जबकि भारत ने इसे 1976 में हासिल किया। 1979 में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं फिर से समान स्तर पर थीं, लेकिन इसके बाद 1980 और 1990 के दशक में चीन की आर्थिक प्रगति ने एक बड़ी छलांग लगाई।
1990 के बाद: चीन का दबदबा और भारत की सुधार प्रक्रिया
1990 में चीन की GDP भारत से थोड़ी अधिक थी, लेकिन 1991 में भारत में आर्थिक सुधार की शुरुआत हुई। भारतीय अर्थव्यवस्था ने इस समय से लेकर अगले कुछ वर्षों तक कई महत्वपूर्ण सुधार किए। हालांकि, इस दौरान चीन अपनी अर्थव्यवस्था को नई गति से आगे बढ़ा रहा था।
1999 में चीन की GDP 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई, जबकि उस समय भारत की GDP लगभग 400 बिलियन डॉलर थी। चीन के लिए यह एक ऐतिहासिक पल था, और इसके बाद 2002 में चीन ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अपनी एंट्री की। 2003 में, चीन की GDP 1.5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गई, जबकि भारत ने 2007 में एक ट्रिलियन डॉलर की GDP हासिल की।
2008 के आर्थिक संकट के बावजूद विकास
2008 में वैश्विक आर्थिक मंदी आई, जिसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया। हालांकि, चीन और भारत इस संकट के बावजूद तेजी से आगे बढ़े। 2010 तक चीन की GDP 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी थी, जबकि 2014 तक उसने 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का मुकाम हासिल किया था। इस समय भारत की GDP 2 ट्रिलियन डॉलर के आसपास थी। यह स्पष्ट था कि चीन अब भारत से बहुत आगे निकल चुका था, और उसकी अर्थव्यवस्था का विस्तार काफी तेजी से हो रहा था।
आज के समय भारत और चीन की जीडीपी
मौजूदा कीमतों पर चीन की जीडीपी 18.8 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि भारत की जीडीपी 3.93 ट्रिलियन डॉलर है। आज के समय भारत और चीन की जीडीपी में आसमान-जमीन का अंतर दिखाई देता हैं। हालांकि, अभी भारत का विकासदर चीन से ज्यादा हैं।

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