यूपी के 13 जिलों में पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान

न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र के 13 जिलों में पासपोर्ट आवेदकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। यदि किसी कारणवश पासपोर्ट का आवेदन अटक गया हो या फाइल लम्बित पड़ी हो, तो अब इन्हें बिना किसी अपॉइंटमेंट के पासपोर्ट कार्यालय जाकर समाधान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद ने इस सुविधा के तहत एक “विशेष अभियान” की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य लम्बित पासपोर्ट फाइलों का त्वरित निस्तारण करना है।

10 से 12 मार्च तक विशेष अभियान

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, आईएफएस अनुज स्वरूप ने बताया कि अभियान के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसे 10 मार्च से 12 मार्च तक दोबारा चलाया जाएगा। इस दौरान, आवेदक सुबह 09:30 बजे से लेकर दोपहर 01:00 बजे तक गाजियाबाद के सी. जी. ओ. भवन में स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में आकर अपनी लम्बित फाइलों का निस्तारण करा सकते हैं। इसके लिए कोई अपॉइंटमेंट की आवश्यकता नहीं है; आवेदक सीधे कार्यालय आकर संबंधित अधिकारियों से मिलकर अपनी फाइल का समाधान करवा सकते हैं।

क्या हो सकता है फाइल बंद?

हालांकि, आवेदकों को यह चेतावनी दी गई है कि यदि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी लम्बित फाइलों का समाधान नहीं करवाते हैं, तो उनके आवेदन की फाइल बंद हो सकती है। ऐसे में, आवेदकों को फिर से नए सिरे से आवेदन करना पड़ सकता है, और साथ ही, नया आवेदन शुल्क भी जमा करना होगा। इस बारे में आवेदकों को पहले ही सूचना भेजी जा चुकी है, ताकि वे समय रहते आवश्यक कदम उठा सकें।

कौन से जिले प्रभावित हैं?

यह विशेष अभियान उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र के 13 जिलों के आवेदकों के लिए है। गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के तहत आने वाले जिले निम्नलिखित हैं: आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, हाथरस, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली। इन जिलों के आवेदक गाजियाबाद स्थित पासपोर्ट कार्यालय में आकर अपनी लम्बित फाइलों का समाधान करवा सकते हैं।

क्या है वॉक-इन सुविधा?

आवेदकों को बिना किसी अपॉइंटमेंट के सीधे पासपोर्ट कार्यालय आने की वॉक-इन सुविधा दी गई है। इस प्रक्रिया से आवेदकों को सुविधा होगी कि वे सीधे अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। यह कदम उन आवेदकों के लिए है जिनकी फाइल किसी तकनीकी कारणवश अटक गई थी, या जिनकी फाइलों को अब तक निस्तारित नहीं किया गया था।

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