यूपी में जमीन रजिस्ट्री कराने वालों के लिए खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है, जिससे प्रदेश भर में भूमि रजिस्ट्री कराने वालों को एक बड़ी राहत मिल रही है। यह कदम राज्य सरकार की ओर से नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो निश्चित रूप से संपत्ति रजिस्ट्री के कामकाज को आसान और समयबद्ध बनाएगा।

समय सीमा में बढ़ोतरी:

अब प्रदेश के समस्त उप-निबन्धक कार्यालय मार्च 2025 तक शाम 6 बजे तक रजिस्ट्री का कार्य करेंगे। इससे पहले यह कार्य शाम 5 बजे तक समाप्त हो जाता था। इसके अलावा, जो समय स्लॉट बुक करने का समय 4 बजे तक हुआ करता था, उसे भी बढ़ाकर 5 बजे कर दिया गया है। यह निर्णय खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत की बात है जो दिनभर के कामकाज के बाद रजिस्ट्री कराने के लिए समय निकालने में कठिनाई महसूस करते थे।

यह बदलाव न केवल रजिस्ट्री कराने वालों के लिए सुविधाजनक साबित होगा, बल्कि यह सरकार द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में भी सहायक होगा। रजिस्ट्री का कार्य समय पर और अधिक संख्या में किया जा सकेगा, जिससे राज्य को राजस्व में बढ़ोतरी हो सकती है।

मार्च के अंतिम रविवार को भी रजिस्ट्री कार्य

मंत्री रवींद्र जायसवाल के निर्देश पर यह भी तय किया गया है कि मार्च के अंतिम रविवार को भी विलेख पंजीकरण का कार्य सुचारु रूप से किया जाएगा। आमतौर पर रविवार को सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं, लेकिन इस कदम से रविवार को भी रजिस्ट्री कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया जा सकेगा। यह निर्णय आम नागरिकों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा, क्योंकि कई लोग रविवार को ही समय निकाल पाते हैं।

संपत्ति रजिस्ट्री से जुड़ी चुनौतियों का समाधान

उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री के काम में अक्सर लंबी लाइनें, समय की कमी और कार्यालयों में भीड़-भाड़ जैसी समस्याएं होती थीं। अब, समय सीमा में वृद्धि और रविवार को भी पंजीकरण कार्य का संचालन इन समस्याओं को काफी हद तक हल करेगा। इसके अतिरिक्त, रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने से भूमि विवादों को भी कम किया जा सकेगा, क्योंकि रजिस्ट्री के कार्य में विलंब से अक्सर कानूनी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

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