फतेहपुर का मामला:
फतेहपुर जिले में स्थित अंदौली के निकट 38 बीघा पशुचर भूमि पर अवैध कब्जा जमाया गया था। यहां सात लोग मकान बना चुके थे, जबकि 22 लोग इस भूमि पर अपनी फसलें बोकर कब्जा कर चुके थे। इस भूमि पर अवैध कब्जे की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई। एसडीएम सदर, प्रदीप रमन के निर्देशन में राजस्व और पालिका की संयुक्त टीम ने बुधवार को इस भूमि को मुक्त कराया।
नायब तहसीलदार, आमरेश सिंह की अगुवाई में टीम ने मौके पर जाकर निशान देही की और अवैध कब्जे को हटाया। इन कब्जों के खिलाफ कार्रवाई में सात मकानों को ढहाया गया, और 22 लोगों की फसलें भी जोत दी गईं। प्रशासन ने अब इस भूमि को पालिका के हवाले कर दिया है, ताकि आगे से इस पर किसी प्रकार का कब्जा न हो सके।
सुरक्षा के लिए बाउंड्री बनवाने का फैसला
फतेहपुर प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि अब यह भूमि पूरी तरह से सुरक्षित रहे। एसडीएम प्रदीप रमन ने निर्देश दिए हैं कि इस भूमि पर पालिका बाउंड्री बनवाकर उसे पूरी तरह से संरक्षित किया जाए। राज्य वित्त की पूंजी से यह बाउंड्री बनवाने का कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस भूमि पर कोई अवैध कब्जा न कर सके।
प्रदेश भर में चल रहा विशेष अभियान
सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर प्रदेश भर में अवैध कब्जे हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान सरकारी जमीनों और संसाधनों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम खासतौर पर सरकारी पशुचर भूमि, तालाबों, और अन्य सार्वजनिक भूमि के अवैध कब्जों को लेकर उठाया जा रहा है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में कोई व्यक्ति सरकारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

0 comments:
Post a Comment