यूपी में फर्जी शिक्षकाें पर बड़ी कार्रवाई, FIR दर्ज!

न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा फर्जी दस्तावेजों से नौकरी प्राप्त करने वाले शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों की भर्ती मामले में पांच शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन शिक्षकों ने डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) और टीईटी (टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट) के फर्जी अंकपत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त की थी।

फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी

श्रमिक शिक्षा में घुसपैठ करने वाले इन फर्जी शिक्षकों की पहचान श्रावस्ती जिले में की गई है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार शिक्षकों में आलोक कुमार, प्रदीप कुमार, जीतेंद्र सिंह और सुशील कुमार जैसे नाम शामिल हैं। इनकी नियुक्ति वर्ष 2013 और 2017 में हुई थी। इन शिक्षकों के द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच करने पर यह सामने आया कि उनके डीएलएड और टीईटी के अंकपत्र पूरी तरह से फर्जी थे।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन शिक्षकों की नियुक्ति भिन्न-भिन्न स्थानों पर की गई थी, जैसे कि कानपुर देहात, कानपुर नगर और श्रावस्ती। संबंधित शिक्षा अधिकारियों ने इन मामलों की जांच की और खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से इन आरोपितों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी शिक्षकों की पहचान और जांच

यह मामला केवल पांच शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस तरह के मामलों की जांच जिलास्तरीय समितियों द्वारा की जा रही है। इन समितियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों पर भर्ती किए गए और नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जांच में एक और सहायक शिक्षक संजय कुमार श्रीवास्तव का नाम सामने आया है, जो बस्ती जिले के मूल निवासी हैं और जमुनहा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे। इनके अभिलेख भी फर्जी पाए गए हैं और बीएसए द्वारा इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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