न्यूज डेस्क: कोरोना के कहर से अब तक दुनिया भर में साढ़े 8 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. वर्ल्ड में अब तक 40 हजार से अधिक लोगों ने दम तोड़ दिया है. भारत में भी इसका आंकड़ा पिछले 24 से 48 घंटे में तेजी से बढ़ा है. बिहार सरकार कोरोना से लगातार फाइट कर रही है.
बिहार में 23 मार्च तक विदेश यात्रा से लौटने वाले 4000 लोग चिन्हित किये गए हैं. सबके ऊपर सरकार की निगाहें हैं. पूरे इंडिया में बिहार ही एक ऐसा राज्य है. जहां कोरोना के लक्षण से पहले ही कोरोना के मरीज पकड़े जा रहे हैं. जिससे सरकार की टेंशन बढ़ गयी हैं।
बिहार सरकार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि बिहार में तकरीबन 4 हजार लोग 23 मार्च तक आये हैं. सबकी जांच की जा रही है. सबकी हालत के बारे में जानकारी ली जा रही है. बिहार में जो भी व्यक्ति विदेश से लौटे हैं. डेट बाई डेट सबकी जांच कराई जा रही है. हर किसी के ऊपर निगाहें जमी हुई हैं. फोन कर उनकी हालत के बारे में पता लगाया जा रहा है. भारत के अन्य किसी राज्य में ऐसा नहीं हो रहा है. बिहार के अंदर एक्टिव स्क्रीनिंग के कारण ही कोरोना से पीड़ित मरीजों को पकड़ा गया है. चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि बिहार में मंगलवार को 6 पॉजिटिव के स सामने आये हैं. ये सभी केस एक्टिव स्क्रीनिंग से आये हैं. यह किसी भी राज्य में नहीं हो रहा है. बिहार पहला राज्य है जहां एक्टिव स्क्रीनिंग हो रही है.
उन्होंने आगे बताया की जितने सारे इंटरनेशनल ट्रैवेलर्स हैं. उनकी भी आस्तिक स्क्रीनिंग की जा रही है. बिहार में 23 मार्च तक लास्ट बिहार में इंटरनेशनल ट्रेवलर्स आये हैं. 22 मार्च को भी कुछ लोग विदेश से आये हैं. सभी की स्क्रीनिंग की जा रही है. इसके साथ ही बिहार सरकार के लिए कोरोना आपदा में एक नई चुनौती खड़ी हो गई है. कोरोना वायरस के केंद्र बने मरकज तब्लीगी जमात के 162 लोगों की पूरी लिस्ट बिहार सरकार को सौंपी गई है. जसिमें 57 विदेशी भी शामिल हैं. बिहार के चीफ सेक्रेटरी दीपक कुमार ने बताया कि सभी तब्लीगियों की तलाश जारी है. सबको ट्रेस किया जा रहा है. ATS और बिहार पुलिस सभी की तलाश में जुटी हुई है.

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