आपको बता दें की छठ पूजा का ये पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। पहली बार चैत्र में और दूसरी बार कार्तिक में। चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाए जाने वाले छठ पर्व को 'चैती छठ' और कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाए जाने वाले पर्व को 'कार्तिकी छठ' कहा जाता है।
लोग अपने पारिवारिक सुख-समृद्धि और मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए ये पर्व मनाते हैं। इस पर्व में भगवान सूर्यदेव की आराधना की जाती हैं। इससे इंसान के जीवन पर सूर्यदेव की असीम कृपा बनी रहती हैं और इंसान को सुख, समृद्धि और शांति मिलती हैं।
छठ में होनी चाहिए ये पूजन सामग्री:
साड़ी, बांस की टोकरी, बांस या फिर पीतल का सूप, दूध और जल, 5 गन्ने पत्ते लगे हुए, शकरकंदी और सुथनी, पान और सुपारी, पानी वाला नारियल, चावल का आटा, ठेकुआ, चावल, सिंदूर, दीपक, हल्दी, मूली और अदरक का हरा पौधा, बड़ा वाला मीठा नींबू, शरीफा, केला, सेब, नाशपाती, गुड़, शहद और धूप छठ पूजा सामग्री में ये चीजें होनी चाहिए।
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