बता दें की शनि जयंती पर सर्वार्थ सिद्धि के साथ साथ इस दिन सुकर्मा योग भी है। शनिदेव की पूजा के दिन अभिजीत मुहूर्त भी है। इस मुहूर्त में पूजा करना आपके लिए लाभकारी साबित होगा। साथ ही साथ जीवन के कष्टों से भी मुक्ति मिलेगी।
शनि जयंती का शुभ मुहूर्त : ज्योतिष की मानें तो कृष्ण पक्ष की अमावस्या 29 मई दिन रविवार को दोपहर 2:54 बजे से प्रारंभ होगी और 30 मई को 4:59 पर बजे पर समाप्त होगी। इसलिए सूर्य के उदय के आधार पर शनि जयंती 30 मई दिन सोमवार को मनाई जाएगी।
ऐसे करें पूजा : शनि जयंती के दिन स्नान करने के बाद शनिदेव की आराधना करें। साथ ही साथ ऊं शं शनैश्चराय नमः और ऊं प्रां प्रीं प्रौ स: शनैश्चराय नमः मंत्र का उच्चारण करें। इससे जीवन की परेशानी दूर होगी और जीवन में तरक्की मिलेगी। साथ ही साथ आपको आर्थिक कष्ट से भी छुटकारा मिल जायेगा।

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