खबर के अनुसार शिक्षा विभाग ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए कहा है की राज्य के सभी अराजकीय प्रस्वीकृत अनुदानित संस्कृत विद्यालयों समेत अन्य कोटि के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के वेतन में बढ़ोत्तरी की गई हैं।
आपको बता दें की सरकार ने इससे पहले नियोजित शिक्षकों के वेतन में वृद्धि की थी। अब संस्कृत शिक्षकों के वेतनमान में 15 प्रतिशत की वृद्धि की हैं। इससे शिक्षकों में खुशियों की लहर दौड़ पड़ी हैं। बढ़ा हुआ वेतन 5 मार्च 2019 के प्रभाव से लागू होगा।
कितना बढ़ा वेतन।
पहले प्रधानाध्यापक का मूल वेतन 20,560 रुपये था। लेकिन 15 प्रतिशत वृद्धि के बाद अब मूल वेतन 23,650 रुपये हो गया है।
पहले प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक का मूल वेतन 19,540 रुपये था। लेकिन 15 प्रतिशत वृद्धि के बाद अब मूल वेतनमान 22,480 रुपये हो गया है।
पहले अप्रशिक्षित शिक्षक का मूल वेतन 13,370 रुपये था। लेकिन 15 प्रतिशत वृद्धि के बाद अब मूल वेतनमान 15,380 रुपये हो गया है।

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