ज्योतिष बताते हैं की श्री कृष्ण जन्मोत्सव में खीरा सबसे खास होता है। रात्रि के समय 12:00 बजे डंठल वाले खीरे को काटकर इसे अलग किया जाता हैं। जिस प्रकार बच्चों के जन्म के समय गर्भनाल को काटकर मां से अलग किया जाता है, ठीक उसी प्रकार जन्माष्टमी के दिन डंठल वाले खीरे को डंठल से अलग कर भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
ऐसी मान्यता हैं की भगवान श्री कृष्ण को खीरा अति प्रिय हैं। जिसके कारण इसके बिना यह त्यौहार अधूरा होता हैं। इसलिए अगर आप श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाने की तैयारी कर रहे हैं तो आप इस दिन खीरा लाना बिल्कुल न भूले और विधि पूर्वक श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाये।
पूजा का शुभ मुहूर्त : 6 सिंतबर 2023 को रात 11 :47 मिनट से 12:42 मिनट तक कृष्ण जी की पूजा का शुभ मुहूर्त बन रहा है। इस अवधि में आप भगवान कृष्ण की पूजा आराधना कर सकते हैं।

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