दरअसल बुजुर्गों के द्वारा आवेदन के बाद भी यह साफ नहीं हो पा रहा था कि कब पेंशन मिलेगी। सत्यापन पूरी तरह से हो चुका था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा था। वे हर हफ्ते बैंक जाकर पेंशन के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते थे, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती थी।
बता दें की समाज कल्याण विभाग के तहत 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है। इस योजना के तहत आधार सत्यापन आदि के बाद चालू वित्तीय वर्ष में जिले के 61 हजार 369 बुजुर्गों को पेंशन की पहली किस्त भेजी जा चुकी थी। इस बीच नए आवेदकों का सत्यापन, पेंशन स्वीकृत और रीवेरीफिकेशन का काम चल रहा था। लेकिन इस सत्यापन प्रक्रिया में कुछ समस्याएं उत्पन्न हो गई थीं, जिनका समाधान अब प्रशासन ने कर लिया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि अब 6534 नए बुजुर्गों की पेंशन स्वीकृत हो गई है और उनके खाते में तीन-तीन हजार रुपये की रकम भेज दी गई है। इसके अतिरिक्त, पेंशन के लिए आवेदन करने वाले 6946 आवेदकों का सत्यापन और स्वीकृति प्रक्रिया अभी भी चल रही है। जल्द इन नए आवेदकों को भी पेंशन उनके बैंक खाते में भेजा जायेगा।
उत्तर प्रदेश में 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को सरकार की राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। यह योजना बुजुर्गों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है, ताकि वे अपने बुजुर्गावस्था में आर्थिक रूप से स्वतंत्र रह सकें।

0 comments:
Post a Comment