बिहार में पीएम आवास योजना के लिए 10 से सर्वे

पटना: बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नए लाभार्थियों का चयन करने के लिए 10 जनवरी से सर्वेक्षण कार्य शुरू किया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से उन लोगों को चिन्हित किया जाएगा जो इस योजना के तहत घर बनाने के पात्र हैं। खास बात यह है कि अब लाभार्थियों को अपने घर के डिजाइन और निर्माण में भी अपनी पसंद का विकल्प मिलेगा। इससे उन्हें अपने सपनों का घर बनाने में मदद मिलेगी।

सर्वे के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य को शुरू करने से पहले, अधिकारियों और कर्मचारियों को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान कर्मचारियों को यह बताया जाएगा कि किस तरह से लाभार्थियों की पहचान की जानी चाहिए और सर्वे में किन-किन पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगा कि सर्वे में कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए और सभी योग्य लाभार्थियों की पहचान सही तरीके से की जा सके।

किसे मिलेगा लाभ?

इस बार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन व्यक्तियों को भी लाभ मिलेगा जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये तक है। इसका मतलब यह है कि अब कम आय वाले लोग भी इस योजना का फायदा उठा सकेंगे। पहले योजना का लाभ मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ही मिलता था, लेकिन अब इसे और भी अधिक लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।

सर्वे कार्य का लक्ष्य

सर्वे कार्य को 10 जनवरी से शुरू किया जाएगा और इस काम को एक माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वेक्षण के बाद, जो भी योग्य लाभार्थी पाए जाएंगे, उनकी सूची ग्रामीण विकास विभाग को भेजी जाएगी, ताकि उन्हें आवास बनाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।

क्या है पीएम आवास योजना?

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का उद्देश्य गरीब, मजदूर, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सस्ते और किफायती घर प्रदान करना है। इस योजना के तहत, सरकार पात्र लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता देती है। पहले इस योजना में केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ही शामिल होते थे, लेकिन अब शहरी क्षेत्रों को भी इसका लाभ दिया जा रहा है।

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