मकर संक्रांति उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से खिचड़ी के त्योहार के रूप में मनाया जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। यह दिन विशेष रूप से किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है, जो इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत मानते हैं और सूर्य के उत्तरायण होने के अवसर पर इसे एक शुभ संक्रांति के रूप में मनाते हैं।
बता दें की उत्तर प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि, "सम्यक विचारोपरान्त मकर संक्रांति के पावन पर्व पर दिनांक 14 जनवरी 2025 (मंगलवार) को घोषित निर्बन्धित अवकाश के स्थान पर निगोशिएबुल इन्स्ट्रुमेन्ट एक्ट 1881 के अधीन एतदद्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है।"
यह निर्णय 17 दिसंबर 2024 को जारी की गई उत्तर प्रदेश शासन की विज्ञप्ति के अनुसार लिया गया है, और इस संशोधन के बाद मकर संक्रांति को सरकारी अवकाश के रूप में पहचाना जाएगा। इस दिन को मनाने के लिए लोग खास तौर पर खिचड़ी बनाने और तिल-गुड़ का सेवन करने की परंपरा निभाते हैं। इसके साथ ही, विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन जैसे मेला, पर्व, और विविध कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
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