नई व्यवस्था के तहत जब रजिस्ट्री होगी, तब ऑनलाइन आवेदन सीधे अंचल कार्यालय को जाएगा और वहां जमीन बेचने वाले के हिस्से को घटाकर नई जमाबंदी की जाएगी। यह प्रणाली उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तर्ज पर लागू की जा रही है। यहां दो विभागों – मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग – के सॉफ्टवेयर को जोड़ा जाएगा।
इससे खरीदार निबंधन कार्यालय या अंचल कार्यालय से कहीं से भी जमाबंदी का कागज प्राप्त कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था का पहला चरण पायलट प्रोजेक्ट के तहत पटना जिले के संपतचक, फतुहा और मुजफ्फरपुर जिले के सकरा निबंधन कार्यालयों में लागू किया जाएगा।
यदि यह परियोजना सफल रही, तो इसे राज्य के अन्य रजिस्ट्री कार्यालयों में भी लागू किया जाएगा। मंत्री रत्नेश सदा ने अधिकारियों को इसे जल्द लागू करने का निर्देश दिया है। इस बदलाव से अब जमीन बेचने और खरीदने की प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक होगी, साथ ही रकबा तुरंत अपडेट होने से किसी भी विवाद की संभावना कम होगी।
.png)
0 comments:
Post a Comment