बता दें की इस सर्वेक्षण का कार्य अल्फा जिओ नामक संस्था द्वारा किया जाएगा, जो इस क्षेत्र में भूकंपीय डाटा अधिग्रहण के लिए जिम्मेदार है। अल्फा जिओ ने संबंधित जिलों के पुलिस कप्तान को पत्र भेजकर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा सहयोग की मांग की है। पत्र में यह बताया गया है कि सर्वेक्षण के दौरान छोटे विस्फोटकों की मदद से खोदाई की जाएगी, और फिर सेंसर तथा सॉफ्टवेयर के माध्यम से तरंगों की जांच की जाएगी, जिससे संभावित तेल और गैस क्षेत्रों का पता लगाया जा सकेगा।
परियोजना निदेशक केएम राव ने पत्र में बताया कि अल्फा जिओ देश में तेल और गैस की खोज के लिए भूकंपीय सर्वेक्षण करने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी है। उन्हें बताया गया कि ऑयल इंडिया लिमिटेड द्वारा मिशन अन्वेषण के तहत उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों में 2डी भूकंपीय डाटा अधिग्रहण का ठेका दिया गया है।
सर्वेक्षण का कार्य उत्तर प्रदेश के सीतापुर से शुरू होकर, बहराइच, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, मऊ, बलिया और भोजपुर होते हुए पूरे क्षेत्र में किया जाएगा। विशेष रूप से, गोरखपुर के दक्षिणी हिस्से में इस सर्वेक्षण के लिए पुलिस के सहयोग की मांग की गई है। इस सर्वेक्षण से यह उम्मीद जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के क्षेत्रों में गैस और तेल उत्पादन की संभावना का सटीक मूल्यांकन किया जा सकेगा।

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