बता दें की बीते नौ वर्षों से जिले के जमीन के एमवीआर में कोई वृद्धि नहीं हुई थी, लेकिन अब इसके बढ़ने की तैयारी तेज हो गई है। यह माना जा रहा है कि इसके लिए शीघ्र ही सर्वे शुरू होगा, जिसके बाद एमवीआर में वृद्धि की जाएगी। लंबे समय से एमवीआर में वृद्धि न होने के कारण यह संभावना जताई जा रही है कि अब एमवीआर बाजार मूल्य के आसपास हो सकता है, जिससे जमीन की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है।
राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने प्रमंडलीय आयुक्त और समाहर्ता को इस संबंध में पत्र भेजकर कार्रवाई की दिशा में संकेत दिए हैं। इससे यह साफ हो रहा है कि राज्य के सभी जिलों में जमीन के एमवीआर को बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इस संदर्भ में निबंधन विभाग की नई अधिसूचना का भी इंतजार किया जा रहा है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में देखने को मिल सकता है, जहां रजिस्ट्री शुल्क में वृद्धि हो सकती है और भूमि बाजार में हलचल बढ़ सकती है। जमीन की रजिस्ट्री में संभावित वृद्धि से स्थानीय निवासियों और निवेशकों के लिए नई चुनौती और अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

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