बता दें की यह सर्वेक्षण 31 मार्च तक चलेगा। इस दौरान राज्य सरकार के कर्मचारी गांव-गांव जाकर उन परिवारों की पहचान करेंगे, जो इस योजना के लाभ के पात्र हैं, लेकिन वर्तमान सूची में उनका नाम नहीं है। सर्वेक्षण के बाद, ग्राम सभा से अनुमोदन लेकर लाभुकों की सूची तैयार की जाएगी, और फिर उन्हें पीएम आवास योजना के तहत पक्के मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस सर्वेक्षण के तहत, राज्य के सभी 8053 पंचायतों में सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार ने एक आवास एप लॉन्च किया है। सर्वेक्षण का कार्य ग्रामीण आवास सहायकों द्वारा किया जाएगा, और जिन पंचायतों में यह सहायक नहीं हैं, वहां पंचायत रोजगार सेवक या पंचायत सचिव को यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
दरअसल यह कदम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में उठाया गया है, और मंत्री श्रवण कुमार ने सभी जन प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की है, ताकि योग्य परिवारों का नाम इस सूची में जोड़ा जा सके और गरीब लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा सके।
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