बता दें की किसान भाई-बहन, जिनके लिए भूमि रिकॉर्ड अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं, अब आसानी से अपने खसरा-खतौनी की नकल मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें बस ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी भूमि से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होती है। पोर्टल पर मौजूद वेब बेस्ड जीआईएस (Geographical Information System) एप्लीकेशन की मदद से किसान अपनी भूमि की स्थिति, खसरा संख्या और खतौनी की नकल प्राप्त कर सकते हैं।
यह पहल किसानों को भूमि विवादों से बचाने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और कृषि संबंधी फैसले सही तरीके से करने में मदद करेगी। इसके अलावा, यह कदम किसानों को भूमि रिकॉर्ड के बारे में पारदर्शिता और सटीकता भी प्रदान करेगा, जिससे वे अधिक आत्मनिर्भर हो सकेंगे।
भूलेख यूपी पोर्टल का उपयोग करने के लिए, किसानों को किसी भी सरकारी दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे घर बैठे कंप्यूटर या मोबाइल से अपनी भूमि से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। इस कदम से सरकार ने किसानों की समस्याओं को कम करने और प्रशासन में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है।
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