स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग ने निर्णय लिया है कि अब संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए सर्किल रेट तय करने का कार्य जिलाधिकारियों द्वारा प्रस्तावित रेट्स के आधार पर किया जाएगा। पिछले कई वर्षों से प्रदेश में सर्किल रेट को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं थे, और जो रेट्स पूर्व में निर्धारित किए गए थे, उनमें कई खामियां थीं।
बता दें की स्टांप और रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत, अब सर्किल रेट निर्धारित करने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया गया है। इसके अनुसार, जिलाधिकारियों से संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए सर्किल रेट का प्रस्ताव प्राप्त कर, सरकार इसे अंतिम रूप से मंजूरी देगी।
अब तक, प्रदेश के 55 जिलों से सर्किल रेट को लेकर प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुके हैं, और सरकार इन प्रस्तावों पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता लाना और आम आदमी के लिए रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुलभ बनाना है। योगी सरकार का यह कदम उन खामियों को दूर करने के लिए है, जो पिछले सर्किल रेट के निर्धारण में थीं। इससे किसानों, मकान मालिकों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा, क्योंकि रजिस्ट्री प्रक्रिया को उचित और बाजार मूल्य के अनुसार तय किया जाएगा।
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