यह उन्नत बैरल हॉवित्जर सिस्टम वाली तोपों में भी फिट की जाएगी, जिससे इससे होने वाले हमलों की सटीकता और दूरी दोनों में सुधार होगा। इसके अलावा, यह तोप विदेशों में भी बेची जा रही है, और हाल में यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, मध्य-पूर्व और अफ्रीकी देशों से बड़ी संख्या में निर्यात आदेश मिले हैं।
इस विकास ने भारतीय रक्षा उद्योग की आत्मनिर्भरता और निर्यात क्षमता को मजबूती दी है। कानपुर में बनकर निर्यात हुई यह उच्च मारक क्षमता वाली टॉप विदेशों में जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। यह पहाड़ियों के पीछे टारगेट सेट कर के दुश्मन के ठिकाने को ध्वस्त कर देती हैं।
दरअसल फील्ड गन फैक्ट्री को इसके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया है, खासकर आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में। इस फैक्ट्री ने भारतीय सेना के लिए परमाणु क्षमता वाली धनुष तोप का अपग्रेड वर्जन भी विकसित किया है, जिससे भारत का रक्षा क्षेत्र और भी मजबूत होगा।
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