तीन वर्षों का ब्याज और अर्थदंड माफ
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-2020 के दौरान माल एवं सेवा कर (GST) जमा करने में विलंब के कारण लगे ब्याज और अर्थदंड को माफ कर दिया है। इसका फायदा व्यापारियों, छोटे व बड़े उद्यमियों को मिलेगा, जो पिछले तीन वर्षों से अपने करों की अदायगी में देरी के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि व्यापारियों को राहत मिले और उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो।
31 मार्च तक उठाया जा सकता है लाभ
व्यापारी इस योजना का लाभ 31 मार्च 2025 तक उठा सकते हैं। इस अवधि के दौरान यदि व्यापारियों द्वारा अपने पुराने बकाया करों का भुगतान किया जाता है, तो उन्हें ब्याज और जुर्माना के रूप में लगने वाली राशि से राहत मिलेगी। यह निर्णय व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत है क्योंकि इससे उनका लंबित कर भुगतान न केवल आसान होगा, बल्कि वित्तीय दबाव भी कम होगा।
सरकारी राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य पूरा होगा
प्रमुख सचिव राज्य कर, एम. देवराज ने जानकारी दी कि इस योजना का लाभ लगभग 1.84 लाख करदाताओं को मिलेगा, जो राज्य सरकार के लिए एक बड़ा वित्तीय लाभ साबित होगा। इसके साथ ही, सरकारी राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य भी पूरा हो जाएगा, जो राज्य के विकास और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। राज्य कर विभाग के अधिकारियों द्वारा संबंधित करदाताओं को व्यक्तिगत रूप से सूचित किया जा रहा है ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें।
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