आयुक्त बीएन सिंह ने बुधवार को सभी जिलों के डीएम और एसपी को पत्र भेजकर उन्हें आदेश दिया कि हेलमेट न पहनने वालों के वाहन का चालान किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल पम्प संचालकों से अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों को जागरूक करें और बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को पेट्रोल न दें।
इस नियम को लागू करने के लिए नोएडा में पिछले कुछ वर्षों से लागू नो हेलमेट-नो फ्यूल व्यवस्था को उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है। यदि यह व्यवस्था अन्य जिलों में लागू की जाती है, तो बिना हेलमेट के वाहन चालकों को चालान के साथ-साथ पेट्रोल भी नहीं मिलेगा, जिसके बाद उन्हें अपनी बाइक को पैदल ही घर ले जाना पड़ सकता है। यह कड़ा कदम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सड़क हादसों को रोकने के लिए कई निर्देश दिए थे, जिसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग ने इस दिशा में सख्ती शुरू की। आयुक्त ने अपने पत्र में बताया कि नोएडा में 1 जून, 2019 से लागू नो हेलमेट-नो फ्यूल व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला था, जिससे हेलमेट पहनने वालों की संख्या बढ़ी और सड़क हादसों में भी कमी आई।
आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि इस व्यवस्था की नियमित समीक्षा हर 15 दिन में की जाए और इसका पालन सख्ती से किया जाए। इसके अलावा, मोटर वाहन अधिनियम के तहत चार साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है, हालांकि सिख धर्म के अनुयायियों को पगड़ी पहनने के कारण इस नियम से छूट दी गई है। इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट की तरह शहरी इलाकों में लागू करने की योजना बनाई गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां दोपहिया वाहनों की संख्या ज्यादा है।
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