सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए इस बार एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) के 100 कमांडो महाकुंभनगर में तैनात किए गए हैं। इन कमांडो का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि पर पैनी नजर रखना और तत्काल प्रतिक्रिया देना है। एनएसजी की यह टीम विशेष रूप से उन जगहों पर तैनात की गई है, जहां भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो सकते हैं।
इसके अलावा, महाकुंभ की सुरक्षा को और भी सख्त बनाने के लिए कई राज्यों से आए स्पॉटर्स की 30 टीमें सक्रिय हैं। ये स्पॉटर्स आस-पास की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं और किसी भी खतरनाक स्थिति से पहले उसे पहचानने और नियंत्रित करने का काम करते हैं। स्पॉटर्स की यह टीमें निगरानी के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर भी पैनी नजर रखती हैं।
महाकुंभ में होने वाली भीड़ को देखते हुए, संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस फोर्स और सुरक्षा एजेंसियों को हर संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत मिल सके, इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें 70 से अधिक जिलों की पुलिस फोर्स भी तैनात है, जो स्थानीय स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार हैं।
इन सुरक्षा इंतजामों के अंतर्गत, ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जायेगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना का तत्काल पता चल सके और उसे प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सके। साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य किया गया है। वहीं, महाकुंभ स्थल पर सभी धार्मिक गतिविधियों और समारोहों के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

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