बिहार में स्टूडेंटस क्रेडिट कार्ड का पैसा नहीं लौटाने पर एक्शन

मुजफ्फरपुर: बिहार सरकार की "स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना" (Bihar Student Credit Card Yojana) ने लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस योजना के तहत छात्रों को इंटर के बाद स्नातक, स्नातकोत्तर, मेडिकल, इंजीनियरिंग, आईटीआई, बीएड, लॉ, और अन्य व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। यह कदम शिक्षा को सुलभ बनाने और राज्य में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए उठाया गया था।

हालांकि, अब इस योजना को लेकर कुछ गंभीर समस्याएँ सामने आ रही हैं। 734 लाभार्थियों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज किया गया है, जिनके खिलाफ ऋण की किस्त जमा न करने और विभाग से संपर्क न करने पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने इन लाभार्थियों के खिलाफ वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, क्योंकि अधिकांश लाभार्थियों ने सरकार के गाइडलाइन्स का पालन नहीं किया और न ही अपनी अद्यतन स्थिति से विभाग को अवगत कराया।

बकाया ऋण की समस्या

इस योजना का लाभ प्राप्त करने वाले कई छात्र इस ऋण की किस्तों का भुगतान करने में असफल रहे हैं। योजना के तहत, छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद 84 किस्तों में ऋण का भुगतान करना होता है। लेकिन कई छात्रों ने न तो किस्तों का भुगतान किया और न ही विभाग से अपनी स्थिति के बारे में कोई जानकारी साझा की। विभाग ने कई बार नोटिस भेजे, लेकिन अधिकतर छात्रों ने विभाग से संपर्क नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप, बिहार सरकार को करोड़ों रुपये का बकाया ऋण वसूलने में परेशानी आ रही है। यही वजह है कि सरकार ने कानूनी कार्रवाई की शुरुआत की है, ताकि बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

कानूनी कार्रवाई और वारंट

बिहार सरकार ने अब 734 लाभार्थियों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज किया है और उनके खिलाफ वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कानूनी कार्रवाई ऐसे छात्रों के खिलाफ की जा रही है जिन्होंने ऋण चुकाने की जिम्मेदारी का पालन नहीं किया। यह कार्रवाई एक कड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है, ताकि अन्य लाभार्थी भविष्य में अपने कर्तव्यों को निभाएं और किसी भी स्थिति में नियमों का उल्लंघन न करें।

0 comments:

Post a Comment