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यूपी से गुजरेगा अटल एक्सप्रेस-वे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच सड़क संपर्क को नई दिशा देने के लिए अटल एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा से उत्तर प्रदेश के इटावा तक बनाया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद तीन राज्यों के बीच यात्रा आसान होगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

414 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे

प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 414 किलोमीटर होगी। इसे चार लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तारित भी किया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे चंबल नदी के आसपास के क्षेत्र से होकर गुजरेगा और आधुनिक सड़क सुविधाओं से लैस होगा। वर्तमान में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।

12 घंटे का सफर घटकर होगा 4 घंटे

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यात्रा समय में भारी कमी के रूप में देखने को मिलेगा। फिलहाल इटावा से कोटा तक सड़क मार्ग से पहुंचने में करीब 12 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी लगभग 4 घंटे में पूरी की जा सकेगी। प्रस्तावित मार्ग पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखने की योजना है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।

तीन राज्यों को जोड़ेगा नया कॉरिडोर

अटल एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा से शुरू होकर मध्य प्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा तक पहुंचेगा। परियोजना के तहत राजस्थान में लगभग 94 किलोमीटर, मध्य प्रदेश में करीब 273 किलोमीटर और उत्तर प्रदेश में लगभग 47 किलोमीटर लंबा हिस्सा विकसित किया जाएगा। इससे तीनों राज्यों के बीच आवाजाही और माल परिवहन पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।

इटावा बनेगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र

इस परियोजना के पूरा होने के बाद इटावा उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे जंक्शन बन जाएगा। यहां अटल एक्सप्रेसवे का जुड़ाव पहले से मौजूद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा लिंक एक्सप्रेसवे से होगा। इससे इटावा की रणनीतिक और आर्थिक महत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! सैलरी लिमिट बढ़ाने पर केंद्र सरकार ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली: कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) योजना का लाभ लेने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। लंबे समय से सोशल मीडिया और विभिन्न श्रमिक संगठनों के बीच ESIC की वेतन सीमा बढ़ाए जाने की चर्चाएं चल रही थीं। अब सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि फिलहाल ESIC के लिए निर्धारित 21,000 रुपये मासिक वेतन सीमा में बदलाव करने की कोई योजना नहीं है।

सरकार ने क्या कहा?

संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में ESIC योजना के तहत पात्रता के लिए लागू वेतन सीमा को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। यानी जब तक इस संबंध में कोई नई अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे।

कब हुई थी आखिरी बार वेतन वृद्धि?

ESIC के तहत वेतन सीमा में अंतिम संशोधन वर्ष 2017 में किया गया था। उस समय पात्रता सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रति माह कर दी गई थी। वहीं, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए यह सीमा 25,000 रुपये प्रति माह निर्धारित है।

इसको लेकर ट्रेड यूनियनों की क्या है मांग?

देश के कई श्रमिक संगठन और उद्योग निकाय लगातार सरकार से ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि महंगाई और निजी क्षेत्र में वेतन बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी 21,000 रुपये की सीमा पार कर जाते हैं और ESIC की चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं। इसलिए वे पात्रता सीमा को 25,000 रुपये या 30,000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

ESIC के तहत कर्मचारियों को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?

ESIC योजना के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाते हैं। इनमें मुफ्त ओपीडी, दवाएं, जांच, सर्जरी, अस्पताल में भर्ती की सुविधा और जरूरत पड़ने पर ESIC से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज शामिल है। इसके अलावा बीमारी, मातृत्व और अन्य निर्धारित परिस्थितियों में भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।

यूपी के गांवों में घर बनाने वालों के लिए बड़ी खबर, नई गाइडलाइन जारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत अब विकास प्राधिकरण और नगर निकायों से बाहर आने वाले जिला पंचायत क्षेत्रों में भी कुछ श्रेणी के भवनों के निर्माण के लिए मानचित्र (नक्शा) स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। इस निर्णय का उद्देश्य अनियोजित निर्माण पर रोक लगाना, अवैध प्लॉटिंग को नियंत्रित करना और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

किन भवनों के लिए जरूरी होगा नक्शा?

नई गाइडलाइन के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्र में 300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल पर या तीन मंजिला भवन का निर्माण करना चाहता है, तो उसे पहले जिला पंचायत से भवन का नक्शा स्वीकृत कराना होगा। यह नियम आवासीय भवनों के साथ-साथ शैक्षणिक, व्यावसायिक और अन्य निर्माण कार्यों पर भी लागू होगा। हालांकि, 300 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर दो मंजिल तक का सामान्य आवासीय भवन बनाने के लिए नक्शा पास कराने की अनिवार्यता नहीं होगी।

भवन निर्माण को मिलेगा नियोजित स्वरूप

सरकार द्वारा लागू नई भवन निर्माण उपविधियों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। इसके जरिए अनधिकृत कॉलोनियों और बिना अनुमति के हो रहे निर्माण पर नियंत्रण रखने की कोशिश की जाएगी। साथ ही भवन निर्माण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर भी जोर दिया गया है।

अवैध कॉलोनियों में निर्माण पर बढ़ेगी सख्ती

नई व्यवस्था के तहत यदि किसी कॉलोनी या प्लॉटिंग का ले-आउट स्वीकृत नहीं है, तो वहां बनने वाले भवनों का नक्शा मंजूर नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में भवन स्वामियों को भविष्य में कई तरह की प्रशासनिक और वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

बैंक लोन और सुविधाओं पर पड़ सकता है असर

बिना स्वीकृत ले-आउट वाली कॉलोनियों में बने मकानों को बैंक ऋण मिलने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा बिजली, पानी, सड़क, ड्रेनेज और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी दिक्कत आ सकती है। इसलिए प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की वैधता की जांच करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील

जिला पंचायत अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्लॉट खरीदने वाले लोगों से अपील की है कि वे केवल स्वीकृत ले-आउट वाली कॉलोनियों में ही निवेश करें। इससे भविष्य में नक्शा स्वीकृत कराने, बैंक लोन प्राप्त करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।

बुधादित्य राजयोग से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, धन-करियर में मिलेगा बड़ा लाभ

Budhaditya Rajyog 2026: ज्योतिष में सूर्य और बुध की युति को अत्यंत शुभ माना जाता है। जब ये दोनों ग्रह एक ही राशि में साथ आते हैं, तब बुधादित्य राजयोग का निर्माण होता है। इस वर्ष 5 अगस्त 2026 को बुध के कर्क राशि में प्रवेश करने के साथ यह शुभ योग बनेगा, क्योंकि सूर्य पहले से ही कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। यह योग 17 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बुधादित्य राजयोग बुद्धि, वाणी, नेतृत्व क्षमता, व्यापारिक समझ और आर्थिक प्रगति का कारक माना जाता है। इस दौरान कई लोगों को करियर और कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आइए जानते हैं उन 4 राशियों के बारे में, जिनके लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

बुधादित्य राजयोग मेष राशि के जातकों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जो भविष्य में पदोन्नति का आधार बन सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और लाभदायक सौदों का अवसर मिल सकता है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस योग का अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। धन आगमन के नए स्रोत बनने की संभावना भी रहेगी।

कन्या राशि

बुध ग्रह की राशि होने के कारण कन्या राशि के जातकों पर इस योग का प्रभाव अधिक सकारात्मक माना जा सकता है। निवेश से लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिलने की संभावना है। व्यापारियों के लिए नए अनुबंध और लाभ के अवसर सामने आ सकते हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत रहेगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुधादित्य राजयोग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में उन्नति के संकेत हैं। आय में वृद्धि हो सकती है और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन सकती है। यात्रा से लाभ मिल सकता है तथा नए संपर्क भविष्य में आर्थिक फायदा दिला सकते हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल बना रहेगा।

बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी, 5 प्रखंडों में बनेंगे 26 चेकडैम

न्यूज डेस्क: बिहार के अरवल जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खेती के लिए पानी की कमी से जूझ रहे किसानों को अब बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। जिले के सभी पांच प्रखंडों में 26 चेकडैम बनाने की योजना तैयार की गई है। विभागीय प्रक्रिया अंतिम चरण में है और मंजूरी के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

5 प्रखंडों में बनेंगे 26 चेकडैम

योजना के तहत अरवल जिले के पांचों प्रखंडों में कुल 26 चेकडैम बनाए जाएंगे। इनमें सबसे अधिक निर्माण कुर्था प्रखंड में होगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार अरवल प्रखंड में 5, कलेर में 7, कुर्था में 12, करपी में 1 और बंसी प्रखंड में 1 चेकडैम का निर्माण किया जाएगा। इनकी लंबाई आवश्यकता के अनुसार लगभग 9 मीटर से 15 मीटर तक होगी।

एक चेकडैम से कई गांवों को लाभ

प्रत्येक चेकडैम से आसपास के दो से तीन गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी। बरसात के दौरान नालों, आहर और पईन का पानी इन चेकडैमों में संग्रहित किया जाएगा। बाद में स्लुइस गेट के माध्यम से जरूरत के अनुसार पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इससे किसानों को फसल के महत्वपूर्ण समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।

नौ महीने तक रहेगा पानी का भंडारण

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि चेकडैम में वर्ष के लगभग नौ महीने तक पानी सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे केवल सिंचाई ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय तक पानी उपलब्ध रहने से भूजल स्तर में सुधार होने की संभावना है, जिससे गर्मियों में पेयजल संकट की समस्या भी कम हो सकती है।

ऊंचे खेतों तक भी पहुंचेगा सिंचाई का पानी

परियोजना में ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि ऊंचाई वाले खेतों तक भी पानी आसानी से पहुंच सके। इसके अलावा अधिक वर्षा या बाढ़ की स्थिति में चेकडैम को सुरक्षित रखने के लिए फ्लड स्लुइस चैनल का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि अतिरिक्त पानी का सुरक्षित निकास हो सके और संरचना को नुकसान न पहुंचे।

खेती की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ने की उम्मीद

सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से किसानों की मोटर पंप और अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता कम होगी। इससे सिंचाई की लागत घटेगी और समय पर पानी मिलने के कारण फसलों की उत्पादकता बढ़ने की संभावना भी रहेगी। किसान वर्ष में अधिक फसलें लेने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 1 अगस्त से मिलेगी स्मार्ट आरसी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वाहन मालिकों के लिए 1 अगस्त 2026 से एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। अब नई गाड़ियों के लिए पारंपरिक कागजी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की जगह स्मार्ट कार्ड आधारित आरसी जारी की जाएगी। यह नया कार्ड एटीएम कार्ड के आकार का होगा और इसमें क्यूआर कोड के साथ इलेक्ट्रॉनिक चिप भी लगी होगी।

परिवहन विभाग के अनुसार नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी उपकरण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही तैयार कर लिया गया है। प्रदेश भर में स्मार्ट कार्ड आरसी जारी करने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संबंधित कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की जा चुकी हैं।

अब कागजी आरसी की जगह मिलेगा स्मार्ट कार्ड

अब तक वाहन मालिकों को कागजी आरसी दी जाती थी, जिसे सुरक्षित रखना और हर समय साथ रखना कई बार मुश्किल होता था। नई व्यवस्था में स्मार्ट कार्ड आरसी जारी की जाएगी, जो मजबूत होने के साथ-साथ आधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस होगी। इससे दस्तावेज खराब होने या फटने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

क्यूआर कोड और चिप से होगी तुरंत जांच

स्मार्ट आरसी में लगा क्यूआर कोड और इलेक्ट्रॉनिक चिप वाहन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को सुरक्षित रूप से स्टोर करेंगे। चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के अधिकारी केवल क्यूआर कोड स्कैन करके वाहन की पूरी जानकारी कुछ ही सेकंड में देख सकेंगे। इस तकनीक के जरिए वाहन का रजिस्ट्रेशन, इंजन नंबर, चेसिस नंबर, ईंधन का प्रकार, मालिक का विवरण और अन्य जरूरी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। इससे बार-बार लंबा रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

फर्जी दस्तावेजों पर लगेगी रोक

नई स्मार्ट आरसी का सबसे बड़ा फायदा सुरक्षा को माना जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक चिप में मौजूद डेटा एन्क्रिप्टेड रहेगा, जिससे उसमें छेड़छाड़ करना बेहद कठिन होगा। इससे नकली आरसी तैयार करने या वाहन संबंधी फर्जीवाड़े की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

यूपी सरकार का फैसला, छात्रों और किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिल सके। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसान परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है।

अधिक छात्रों को मिलेगा छात्रवृत्ति का लाभ

राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की 172वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना को इस तरह विस्तारित किया जाए कि अधिक संख्या में पात्र छात्र-छात्राएं इसमें शामिल हो सकें। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता मिलने से किसान परिवारों के बच्चों की पढ़ाई आसान होगी और वे उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ सकेंगे।

किसानों के लिए योजनाओं की अवधि भी बढ़ी

बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए किसान कल्याण, कृषि विपणन और मंडी व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।

मंडियों के आधुनिकीकरण पर रहेगा जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में अधिक सुविधा मिल सके। साथ ही कृषि उपज प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल को प्रोत्साहित करने की बात भी कही गई।

छात्रों और किसानों दोनों को मिलेगा फायदा

सरकार के इस फैसले से एक ओर किसान परिवारों के मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति का अधिक लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर कृषि क्षेत्र में आधारभूत ढांचे और विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि इन निर्णयों से शिक्षा और कृषि, दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

1 अगस्त से 7 अगस्त तक बनेगा महाशुभ योग! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन, सफलता और तरक्की

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 1 अगस्त से 7 अगस्त 2026 के बीच ग्रहों की स्थिति कई शुभ योगों का निर्माण कर रही है। इस दौरान मंगल का राशि परिवर्तन, बुध की मजबूत स्थिति, गुरु का प्रभाव और अन्य ग्रहों के शुभ संयोग कुछ राशियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह समय करियर, कारोबार, धन, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह नई उपलब्धियां लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में नए ग्राहक और नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय मान-सम्मान और सफलता दिलाने वाला हो सकता है। सरकारी कार्यों में प्रगति मिलेगी और अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होने के संकेत हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह आर्थिक दृष्टि से शुभ रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। व्यापारियों को पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी सामंजस्य बना रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे और आर्थिक लाभ होने की संभावना रहेगी। यात्रा से भी लाभ मिल सकता है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह सप्ताह मेहनत का अच्छा फल देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी और कारोबार दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। धन संबंधी मामलों में सफलता मिलेगी और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। निवेश से जुड़े मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिलने के संकेत हैं।

बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! TRE 4 से 32 हजार शिक्षकों की होगी बंपर बहाली

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से होने वाली TRE-4 शिक्षक भर्ती के तहत 32,388 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। शिक्षा विभाग ने जिलावार और विषयवार रिक्तियों का आकलन कर आयोग को अधियाचना भेज दी है।

प्लस-टू स्कूलों को मिलेंगे सबसे ज्यादा शिक्षक

TRE-4 भर्ती में कुल 16,100 शिक्षक प्लस-टू विद्यालयों के लिए नियुक्त किए जाएंगे। विभाग के अनुसार उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों, विशेषकर विज्ञान विषय के शिक्षकों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी कारण विषयवार रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

जिलावार जरूरत के आधार पर रिक्तियां

शिक्षा विभाग का कहना है कि इस बार प्रत्येक जिले में शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता का विस्तृत आकलन किया गया है। इसी के आधार पर बिहार लोक सेवा आयोग को रिक्तियों का प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन जिलों में अधिक नियुक्तियां करना है, जहां शिक्षकों की कमी सबसे ज्यादा है।

इन जिलों में होगी अधिक नियुक्ति

रिक्तियों के आकलन में पाया गया कि पूर्णिया, जमुई और अररिया जैसे जिलों में स्वीकृत पदों की तुलना में एक हजार से अधिक शिक्षकों की कमी है। ऐसे में इन जिलों को प्राथमिकता देते हुए बड़ी संख्या में नए शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने की संभावना है।

अन्य स्कूलों के लिए भी होगी भर्ती

TRE-4 के तहत मध्य विद्यालयों के लिए 8,563 शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि माध्यमिक विद्यालयों के लिए 3,877 पद निर्धारित किए गए हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालयों के लिए 3,847 शिक्षकों की बहाली की जाएगी।

युवाओं के लिए बड़ा अवसर

TRE-4 भर्ती बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है। 32 हजार से अधिक पदों पर प्रस्तावित नियुक्तियों से न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने से शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

बिहार के छात्रों के लिए खुशखबरी! 15 अगस्त से शुरू होगी JEE-NEET की फ्री कोचिंग

पटना। बिहार के छात्रों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल होने जा रही है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से एक इंटरैक्टिव लर्निंग ऐप लॉन्च करने जा रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा पहुंचाना है। इसके साथ ही कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए JEE और NEET की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग भी शुरू की जाएगी।

पहले चरण में 688 स्कूलों के छात्र होंगे शामिल

बिहार बोर्ड के अनुसार पहले चरण में राज्य के 688 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। चयनित छात्रों को अलग-अलग यूजर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी मदद से वे ऐप पर लॉग इन कर पढ़ाई कर सकेंगे और उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे।

24 घंटे मिलेगी पढ़ाई और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

इंटरैक्टिव लर्निंग ऐप की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थी दिन या रात किसी भी समय अपनी पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से ऑनलाइन मार्गदर्शन मिलने से छात्रों की शंकाओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक सहायता मिलने की उम्मीद है।

155 मॉडल स्कूलों में JEE-NEET की फ्री ऑनलाइन कोचिंग

बिहार बोर्ड डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से राज्य के 155 मॉडल स्कूलों के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए JEE और NEET की निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू करेगा। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।

8वें वेतन आयोग का मीटिंग शेड्यूल जारी, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। 8वें वेतन आयोग ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स के साथ होने वाली बैठकों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन बैठकों का उद्देश्य कर्मचारियों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करना है, ताकि वेतन, पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दों पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार कर सके।

दिल्ली में कब होगी बैठक?

आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 7 अगस्त और 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में हितधारकों के साथ बैठक होगी। इस बैठक में वही कर्मचारी संगठन, फेडरेशन और यूनियन शामिल हो सकेंगे जिन्होंने पहले से अपना मेमोरेंडम जमा किया है और जिनकी आयोग के साथ अब तक किसी अन्य स्थान पर बैठक नहीं हुई है। दिल्ली में बैठक के लिए आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

चंडीगढ़ में सितंबर में होगा संवाद

आयोग 16 से 18 सितंबर 2026 के बीच चंडीगढ़ में भी बैठक आयोजित करेगा। इसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से जुड़े केंद्र सरकार एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी संगठन, यूनियन, एसोसिएशन और पेंशनर्स भाग ले सकेंगे। इस बैठक में शामिल होने के लिए भी पहले मेमोरेंडम जमा करना और उसके बाद प्राप्त यूनिक मेमो आईडी के साथ आवेदन करना आवश्यक होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 25 अगस्त 2026 तय की गई है।

अन्य राज्यों में भी होंगी बैठकें

आयोग ने संकेत दिया है कि दिल्ली और चंडीगढ़ के बाद देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी। दिल्ली-एनसीआर से बाहर के कर्मचारी संगठन और पेंशनर्स अपने राज्य या निकटतम स्थान पर आयोग से मुलाकात के लिए अनुरोध कर सकते हैं। आगामी बैठकों की तिथियां आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी।

डेटा अपलोड की सीमा बढ़ी

आयोग ने मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों को राहत देते हुए कर्मचारी संबंधी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है। कई विभागों द्वारा अतिरिक्त समय की मांग के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस डेटा के आधार पर आयोग कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति का व्यापक अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा।

क्यों महत्वपूर्ण हैं ये बैठकें?

8वें वेतन आयोग की ये बैठकें इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं क्योंकि इन्हीं चर्चाओं के आधार पर भविष्य में वेतन, भत्तों, पेंशन और अन्य सेवा शर्तों से जुड़ी सिफारिशों का मसौदा तैयार किया जाएगा। ऐसे में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के सुझाव आयोग की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

बिहारवासियों के लिए जरूरी खबर! 1 अगस्त से इन जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 1 अगस्त से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अररिया, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, भोजपुर, बक्सर, गया, नवादा, बेगूसराय, मधेपुरा, समस्तीपुर, वैशाली और पश्चिम चंपारण सहित कई जिलों में अलग-अलग दिनों में भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

25 जिलों के लिए येलो अलर्ट

शुक्रवार के लिए मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना समेत कई स्थानों पर सुबह से ही बारिश का दौर देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

क्यों बदल रहा है मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं उत्तर और पूर्वी बिहार में लगातार पहुंच रही हैं। यही कारण है कि इन इलाकों में बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है और बारिश की संभावना बढ़ गई है। हालांकि दक्षिण और मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।

सामान्य से कम हुई बारिश

इस मानसून सीजन में बिहार में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में इस अवधि तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उसके मुकाबले लगभग 42 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगस्त की शुरुआत में होने वाली बारिश से इस कमी की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है।

सूर्य, गुरु और बुध की महायुति! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन और सफलता

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार अगस्त 2026 की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण ग्रह संयोग बनने जा रहा है। 5 अगस्त 2026 को बुध ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से सूर्य देव और देवगुरु बृहस्पति विराजमान रहेंगे। बुध के इस गोचर के साथ सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा। वहीं सूर्य, गुरु और बुध के एक ही राशि में होने से त्रिग्रही योग का भी निर्माण होगा। यह विशेष संयोग 5 अगस्त से 17 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।

बुधादित्य योग और त्रिग्रही योग का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में बुधादित्य योग को बुद्धि, वाणी, शिक्षा, व्यापार और प्रशासनिक सफलता का कारक माना जाता है। वहीं देवगुरु बृहस्पति की उपस्थिति इस योग को और अधिक शुभ बना सकती है। ऐसे में करियर, आर्थिक स्थिति, मान-सम्मान और निर्णय क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में लाभकारी साबित हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे और धन लाभ मिलने की संभावना है।

कर्क राशि

कर्क राशि में ही यह विशेष ग्रह संयोग बन रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को इसका प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा, रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को इस दौरान मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि मिल सकती है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहेगी। निवेश और करियर से जुड़े फैसलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के लिए गुरु का प्रभाव शुभ माना जाता है। इस योग के दौरान भाग्य का साथ मिल सकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यापार में सफलता मिलने के योग हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी बन रही है।

बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी! 150 करोड़ की लागत से दो नदियों पर बनेगा पुल

पटना। बिहार के जमुई जिले के लोगों को जल्द ही बेहतर सड़क संपर्क की सौगात मिलने वाली है। राज्य सरकार ने जिले में आवागमन को आसान और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से दो नए आधुनिक पुलों के निर्माण को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बरसात के मौसम में आने वाली यातायात संबंधी समस्याओं में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

किउल नदी पर बनेगा नया आरसीसी पुल

पहली परियोजना के तहत एनएच-333ए पर खैरा-सोनो मार्ग के नरियाना घाट में किउल नदी पर नया आरसीसी पुल बनाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 93.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नया पुल तैयार होने के बाद इस मार्ग पर छोटे-बड़े सभी वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।

सुकनर नदी पर बनेगा आधुनिक पुल

दूसरी परियोजना के अंतर्गत खैरा-सोनो मार्ग के मांगोबंदर क्षेत्र में सुकनर नदी पर पुराने पुल की जगह नया आधुनिक पुल बनाया जाएगा। इस निर्माण कार्य के लिए करीब 55.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 150 करोड़ रुपये होगी।

बरसात में मिलेगी बड़ी राहत

हर वर्ष मानसून के दौरान पुराने पुलों की स्थिति और जलभराव के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नए पुल बनने के बाद बारिश के मौसम में आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान होगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा।

विकास को मिलेगी रफ्तार

इन दोनों पुलों का निर्माण जमुई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम होगी और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल आने वाले वर्षों में जमुई की कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।

यूपी में 12वीं पास महिलाओं के लिए खुशखबरी, आई बंपर भर्ती!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए रोजगार का एक अच्छा अवसर सामने आया है। आजमगढ़ जिले में आंगनवाड़ी सहायिका के 265 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक और पात्र महिला अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। यह भर्ती बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तहत की जा रही है।

इतने पदों पर होगी बड़ी भर्ती

जिला कार्यक्रम अधिकारी, आजमगढ़ द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कुल 265 आंगनवाड़ी सहायिका पदों को भरा जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति आजमगढ़ जिले के विभिन्न वार्डों और ग्राम सभाओं में की जाएगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

भर्ती के लिए आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थी का संबंधित वार्ड या ग्राम सभा का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही अभ्यर्थी की आयु 1 जुलाई 2026 के अनुसार 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थी का 12वीं (इंटरमीडिएट) उत्तीर्ण होना जरूरी है। अन्य पात्रता और चयन संबंधी शर्तें आधिकारिक अधिसूचना में दी गई हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 31 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि तक आवेदन जमा कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा।

कैसे करें आवेदन?

अभ्यर्थियों को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन पत्र भरना होगा। आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से अपलोड करनी होगी। आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करना भी जरूरी है।

महिलाओं के लिए रोजगार का अच्छा अवसर

आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर चयनित होने वाली महिलाओं को बाल विकास एवं पोषण संबंधी योजनाओं के संचालन में सहयोग करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए यह भर्ती रोजगार प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

MBBS के बाद कितनी कमाई होती है? फ्रेश डॉक्टर से लेकर अनुभवी डॉक्टर तक

नई दिल्ली। देश में हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में एक सवाल लगभग हर अभ्यर्थी के मन में होता है कि MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद शुरुआती सैलरी कितनी मिलती है? इसका कोई एक तय जवाब नहीं है, क्योंकि डॉक्टर की आय उसके कार्यस्थल, अनुभव, विशेषज्ञता और संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

इंटर्नशिप के दौरान कितना मिलता है स्टाइपेंड?

MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों को अनिवार्य इंटर्नशिप करनी होती है। इस दौरान उन्हें वेतन नहीं बल्कि स्टाइपेंड दिया जाता है। इसकी राशि संस्थान और राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आमतौर पर 18,000 से 30,000 रुपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड मिल सकता है।

वहीं, AIIMS, JIPMER जैसे केंद्रीय संस्थानों में यह राशि लगभग 23,000 से 30,000 रुपये तक हो सकती है। जबकि कई निजी या डीम्ड विश्वविद्यालयों में स्टाइपेंड 7,000 से 15,000 रुपये प्रतिमाह के बीच होता है। अलग-अलग राज्यों में भी स्टाइपेंड की राशि में अंतर देखने को मिलता है।

जूनियर रेजिडेंट बनने पर बढ़ती है आय

इंटर्नशिप पूरी होने के बाद यदि डॉक्टर जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्य करते हैं, तो उनकी मासिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। प्रथम वर्ष के जूनियर रेजिडेंट को सामान्यतः 55,000 से 65,000 रुपये प्रतिमाह तक मिल सकते हैं। जबकि दूसरे वर्ष में यह राशि 60,000 से 70,000 रुपये तक पहुंच सकती है।

तीसरे वर्ष में सैलरी 65,000 से 80,000 रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है। वहीं AIIMS, PGIMER, JIPMER और NIMHANS जैसे प्रमुख केंद्रीय संस्थानों में भत्तों सहित यह राशि 75,000 से 90,000 रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है।

पीजी के बाद बढ़ जाती है कमाई

यदि डॉक्टर MBBS के बाद MD, MS या DNB जैसी स्नातकोत्तर डिग्री पूरी करते हैं, तो वे सीनियर रेजिडेंट के रूप में कार्य कर सकते हैं। इस स्तर पर जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ वेतन भी बेहतर हो जाता है। केंद्रीय सरकारी संस्थानों में सीनियर रेजिडेंट को लगभग 95,000 से 1.20 लाख रुपये प्रतिमाह तक मिल सकते हैं।  

राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेजों में यह राशि 80,000 से 1 लाख रुपये तक हो सकती है। जबकि निजी अस्पतालों में अनुभव और संस्थान के आधार पर 60,000 से 1 लाख रुपये या इससे अधिक वेतन भी मिल सकता है। मेडिकल क्षेत्र में अनुभव सैलरी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

40 की उम्र के बाद पुरुष खाएं ये 4 ड्राईफ्रूट्स, शरीर रहेगा फिट और एनर्जी रहेगी हाई

हेल्थ डेस्क। 40 वर्ष की उम्र के बाद शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें बदलने लगती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ संतुलित आहार के साथ कुछ पौष्टिक ड्राईफ्रूट्स को नियमित मात्रा में खाने की सलाह देते हैं। इनमें अखरोट, बादाम, खजूर और अंजीर खास तौर पर फायदेमंद माने जाते हैं।

1. अखरोट

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। साथ ही दिमाग की कार्यक्षमता और याददाश्त को भी समर्थन देता है। नियमित और सीमित मात्रा में अखरोट का सेवन बढ़ती उम्र में संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

2. बादाम

बादाम प्रोटीन, विटामिन ई, मैग्नीशियम और फाइबर का अच्छा स्रोत है। यह मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती देने के साथ शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है। भीगे हुए बादाम का सेवन कई लोग पाचन के लिए भी बेहतर मानते हैं।

3. खजूर

खजूर प्राकृतिक शर्करा, आयरन, पोटैशियम और फाइबर से भरपूर होता है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में सहायक माना जाता है। नियमित मात्रा में खजूर खाने से कमजोरी और थकान कम करने में मदद मिल सकती है। यह पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

4. अंजीर

अंजीर में कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और फाइबर अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं। इसका सेवन हड्डियों को मजबूत बनाने, पाचन को बेहतर रखने और शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करने में मदद कर सकता है। सूखी अंजीर को रातभर भिगोकर खाने की सलाह भी कई पोषण विशेषज्ञ देते हैं।

कितनी मात्रा में करें सेवन?

ड्राईफ्रूट्स का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। सामान्य तौर पर एक दिन में 2-3 अखरोट, 5-6 बादाम, 2-3 खजूर और 1-2 अंजीर पर्याप्त माने जाते हैं। यदि किसी व्यक्ति को मधुमेह, किडनी की समस्या या कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी बीमारी है, तो आहार में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

सावन में 4 राशियों के हर संकट होंगे दूर! महादेव की कृपा से खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते

राशिफल। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूरे माह में शिव भक्त व्रत, जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी सावन का महीना कई राशियों के लिए शुभ फल देने वाला माना जाता है। ग्रहों की बदलती चाल और शिव कृपा के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना रहती है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए सावन नई शुरुआत का समय साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। करियर में प्रगति के अवसर बनेंगे और व्यापार से जुड़े लोगों को नए लाभ मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और पुराने विवाद सुलझने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय मान-सम्मान और सफलता लेकर आ सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए सावन का महीना आर्थिक दृष्टि से लाभदायक माना जा रहा है। निवेश से फायदा मिलने के संकेत हैं। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। करियर में भी आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी! 6000 करोड़ की लागत से लगेगा विशाल स्टील प्लांट

पटना। बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के गया जिले में करीब 6000 करोड़ रुपये के निवेश से एक विशाल एकीकृत स्टील प्लांट स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस परियोजना को बिहार के औद्योगिक भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है।

हर साल 1 से 1.5 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य

प्रस्तावित स्टील प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.0 से 1.5 मिलियन टन (एमटीपीए) रखने की योजना है। इसके शुरू होने के बाद बिहार में इस्पात उत्पादन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही राज्य में बड़े उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल और मजबूत होगा।

रोजगार और उद्योगों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। प्लांट के निर्माण और संचालन के दौरान बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा परिवहन, लॉजिस्टिक्स, मशीनरी, निर्माण सामग्री और अन्य सहायक उद्योगों को भी नया कारोबार मिलने की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए बेहतर माहौल बना रही सरकार

राज्य सरकार का कहना है कि बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार निवेश-अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। बेहतर आधारभूत संरचना, पारदर्शी नीतियां और प्रशासनिक सहयोग के कारण बड़े निवेशक राज्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि हाल के वर्षों में कई नई औद्योगिक परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ा है।

बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

पटना। बिहार में सावन की शुरुआत के साथ मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए सात जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अररिया, बांका, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, भभुआ (कैमूर) और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा हो सकती है। साथ ही कुछ स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा राज्य के उत्तर और दक्षिण बिहार के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का भी अनुमान है।

कई जिलों में हुई झमाझम बारिश

गुरुवार को राजधानी पटना सहित राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल, फारबिसगंज, डेहरी, मोतिहारी, पूसा, अरवल, मुंगेर और जहानाबाद में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत मिली। राजधानी पटना में लगभग 9.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि कटिहार जिले के मनिहारी क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

अगले तीन से चार दिन सक्रिय रहेगा मानसून

मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी प्रणाली फिलहाल काफी सक्रिय बनी हुई है। मानसून ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से बिहार के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की भी संभावना है।

सावन में राहु का बड़ा नक्षत्र परिवर्तन! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बंपर धन लाभ

राशिफल। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष सावन के दौरान राहु एक अहम नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं, जिसे कई राशियों के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार 2 अगस्त 2026 को राहु शतभिषा नक्षत्र से निकलकर धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राहु का यह परिवर्तन करियर, धन, व्यापार, सामाजिक प्रतिष्ठा और नए अवसरों पर प्रभाव डाल सकता है।

राहु के नक्षत्र परिवर्तन का महत्व

वैदिक ज्योतिष में राहु को रहस्यमयी और अप्रत्याशित परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। जब राहु किसी नए नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो कई क्षेत्रों में अचानक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। धनिष्ठा नक्षत्र साहस, उपलब्धि, समृद्धि और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में राहु का इस नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में अनुकूल रह सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और व्यापार में लाभ के नए अवसर बन सकते हैं। आय के अतिरिक्त स्रोत मिलने के भी योग हैं।

वृष राशि

वृष राशि के जातकों को इस दौरान धन संबंधी मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। निवेश से लाभ मिलने की संभावना रहेगी। पारिवारिक वातावरण बेहतर होगा और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। नई योजनाओं की शुरुआत के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन भाग्य का साथ दिला सकता है। करियर में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों या नए सौदों का लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर सफलता और प्रगति के नए द्वार खोल सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। आर्थिक लाभ के साथ-साथ सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा और पुराने विवाद सुलझने की संभावना है।

प्रशांत किशोर जीतेंगे या हारेंगे? बांकीपुर उपचुनाव के 3 एग्जिट पोल ने चौंकाया

पटना।  बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव में मतदान समाप्त होने के बाद अब सभी की निगाहें एग्जिट पोल और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। इस बार मुकाबला इसलिए भी खास रहा क्योंकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में हैं। मतदान के बाद सामने आए तीन अलग-अलग एग्जिट पोल ने ऐसा संकेत दिया है, जिसने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

मतदान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

बांकीपुर सीट पर गुरुवार को मतदान संपन्न हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार कुल करीब 33.57 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान समाप्त होते ही विभिन्न एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल जारी किए, जिनमें अधिकांश ने प्रशांत किशोर को बढ़त मिलने का अनुमान लगाया है। हालांकि यह केवल सर्वेक्षण हैं और अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा।

पहला एग्जिट पोल क्या कहता है?

जनमत पोल्स के सर्वे में जन सुराज उम्मीदवार प्रशांत किशोर को सबसे मजबूत स्थिति में दिखाया गया है। सर्वे के अनुसार उन्हें लगभग 49 से 52 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 34 से 36 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वोटों की संख्या के लिहाज से भी प्रशांत किशोर को स्पष्ट बढ़त मिलने की बात कही गई है।

अन्य दो सर्वे भी दे रहे समान संकेत

सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि डीवी रिसर्च और पोल पंडित के एग्जिट पोल में भी प्रशांत किशोर की जीत का अनुमान लगाया गया है। इन दोनों एजेंसियों का दावा है कि बांकीपुर में जन सुराज को मजबूत जनसमर्थन मिला है और मुकाबले में उसे बढ़त मिल सकती है। कुछ अनुमानों में उनकी बड़ी जीत की भी संभावना जताई गई है।

भाजपा के लिए क्यों अहम है यह सीट?

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। इस सीट का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि भाजपा नेता नितिन नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। उनसे पहले उनके पिता भी कई बार इसी सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पिछले करीब तीन दशकों से इस सीट पर भाजपा का दबदबा बना हुआ है। ऐसे में यदि एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा सकता है।

क्या एग्जिट पोल पर भरोसा किया जा सकता है?

चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि एग्जिट पोल मतदान के बाद मतदाताओं से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। कई बार इनके अनुमान वास्तविक नतीजों के करीब रहते हैं, लेकिन कई अवसरों पर परिणाम पूरी तरह अलग भी निकलते हैं। इसलिए इन्हें अंतिम नतीजा नहीं माना जा सकता।

बांकीपुर उपचुनाव का वास्तविक फैसला 3 अगस्त को मतगणना के बाद सामने आएगा। तभी यह स्पष्ट होगा कि क्या प्रशांत किशोर पहली बार विधानसभा पहुंचेंगे या भाजपा अपने लंबे समय से कायम इस राजनीतिक किले को बचाने में सफल रहेगी।

रूस का बड़ा दांव! भारत के लिए खुशखबरी, अब भारतीय रुपये से होगा नया अंतरराष्ट्रीय कारोबार

नई दिल्ली। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वैश्विक भुगतान प्रणाली में आई चुनौतियों के बीच रूस ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है। रूस अब बांग्लादेश के साथ व्यापारिक लेनदेन में भारतीय रुपये का इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। यदि यह योजना लागू होती है तो भारतीय मुद्रा की अंतरराष्ट्रीय उपयोगिता को नई मजबूती मिल सकती है।

डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों ने रूस के कई बैंकों को वैश्विक भुगतान प्रणाली से काफी हद तक अलग कर दिया है। ऐसे में डॉलर के माध्यम से भुगतान करना कठिन हो गया है। इसी वजह से रूस वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारतीय रुपये को एक व्यावहारिक विकल्प के रूप में देख रहा है।

भारत के लिए क्यों है अच्छी खबर?

यदि रूस, भारत और बांग्लादेश के बीच रुपये आधारित भुगतान प्रणाली विकसित होती है, तो इससे भारतीय मुद्रा की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ सकती है। इससे सीमा पार व्यापार में रुपये का उपयोग बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में भारत को मजबूती मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम भविष्य में भारत को क्षेत्रीय व्यापार का महत्वपूर्ण वित्तीय केंद्र बनाने में भी मदद कर सकते हैं।

युद्ध के बाद प्रभावित हुआ कारोबार

रूस और बांग्लादेश के बीच व्यापार रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद काफी प्रभावित हुआ। भुगतान संबंधी दिक्कतों के कारण दोनों देशों के बीच निर्यात और आयात में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। रूस का मानना है कि यदि नई भुगतान व्यवस्था लागू होती है, तो व्यापार फिर से तेजी पकड़ सकता है और दोनों देशों के आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।

सावन में 4 ग्रह बदलेंगे चाल, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के नए रास्ते

राशिफल। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार सावन में चार प्रमुख ग्रह सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र अपनी चाल और स्थिति में बदलाव कर रहे हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इन ग्रहों के परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

इन 4 राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ

1. सिंह राशि

सूर्य के अपनी ही राशि में आने से सिंह राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरी में पदोन्नति, नए अवसर और समाज में प्रतिष्ठा मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति भी पहले से मजबूत हो सकती है।

2. मिथुन राशि

मंगल का गोचर मिथुन राशि वालों को ऊर्जा और साहस प्रदान करेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को लाभ होने की संभावना है और लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं।

3. कन्या राशि

बुध का प्रभाव कन्या राशि वालों के लिए शुभ संकेत दे रहा है। व्यापार में वृद्धि, धन लाभ और नई योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

4. तुला राशि

शुक्र के शुभ प्रभाव से तुला राशि वालों के जीवन में सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है। पारिवारिक जीवन बेहतर रहेगा और आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ सकती है।

यूपी में घर-दुकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर, पढ़ें डिटेल्स

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में घर, दुकान और अन्य व्यावसायिक भवन बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भवन सुरक्षा से जुड़े नियमों को और सख्त करने का फैसला लिया है। अब कई श्रेणी के गैर-आवासीय भवनों के निर्माण और नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा।

नक्शा पास कराने से पहले फायर सेफ्टी पर जोर

नई व्यवस्था के तहत जिन भवनों को पहले फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की अनिवार्यता से छूट प्राप्त थी, उन्हें भी अब अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन से संबंधित शपथपत्र देना होगा। इसके बाद ही भवन का नक्शा स्वीकृत किया जाएगा। हालांकि, एक मंजिला सीमित श्रेणी के आवासीय भवनों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है। अन्य भवनों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक रहेगा।

अलीगंज अग्निकांड के बाद बदले नियम

हाल ही में अलीगंज क्षेत्र में हुई आग की घटना के बाद भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठे थे। इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भवन स्वीकृति प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अग्नि सुरक्षा नियमों को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण का मानना है कि निर्माण के शुरुआती चरण में ही सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने से भविष्य में होने वाले हादसों की संभावना कम की जा सकती है।

नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई

एलडीए ने साफ किया है कि यदि कोई भवन स्वामी गलत जानकारी देकर नक्शा स्वीकृत कराता है या निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में भवन को सील करने, अवैध निर्माण हटाने (ध्वस्तीकरण) और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

शहर में तेज हुआ निरीक्षण अभियान

अलीगंज अग्निकांड के बाद राजधानी में सुरक्षा मानकों की जांच भी तेज कर दी गई है। होटल, कोचिंग संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य सार्वजनिक भवनों का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन या अवैध निर्माण पाया जा रहा है, वहां संबंधित विभाग कार्रवाई कर रहे हैं।

पूरे सावन शनि की उल्टी चाल! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और तरक्की के बनेंगे प्रबल योग

राशिफल। ज्योतिष में शनि देव को कर्म, न्याय और अनुशासन का ग्रह माना जाता है। जब शनि वक्री (उल्टी चाल) होते हैं तो उनका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में दिखाई देता है। इस वर्ष सावन माह के दौरान शनि मीन राशि में वक्री रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह स्थिति कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है। इस दौरान मेहनत का बेहतर फल मिलने, आर्थिक स्थिति मजबूत होने और करियर में नई संभावनाएं बनने के संकेत हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक रह सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि पदोन्नति के अवसर भी बन सकते हैं। व्यापार में लाभ बढ़ने के साथ नए निवेश से अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और सामाजिक सम्मान में वृद्धि हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शनि की वक्री चाल करियर और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे अवसर लेकर आ सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मेहनत का लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार में नए ग्राहकों और नए अनुबंधों से आय बढ़ सकती है। रुका हुआ धन मिलने के योग भी बन रहे हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे हो सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय तरक्की और आर्थिक मजबूती का संकेत दे सकता है। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की संभावना बन सकती है। व्यवसाय में विस्तार के नए अवसर मिलेंगे और पुराने निवेश से भी लाभ मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी तथा समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए सावन का यह समय शुभ माना जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आ सकती है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में लाभ बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार के सहयोग से कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो सकते हैं। संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

मकर राशि

मकर राशि के लिए शनि की वक्री चाल विशेष फलदायी मानी जा रही है, क्योंकि शनि इस राशि के स्वामी ग्रह हैं। इस दौरान मेहनत का पूरा परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी और व्यवसाय दोनों में उन्नति के योग बनेंगे। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं और बचत बढ़ सकती है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने से मानसिक संतोष मिलेगा। सामाजिक मान-सम्मान और प्रभाव में भी वृद्धि हो सकती है।

बिहार से गुजरेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

बांका: बिहार में सड़क संपर्क और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार देने वाली रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम तेज हो गया है। करीब 600 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा। खासकर बांका जिले के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यहां लगभग 75 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसके लिए जिले के पांच प्रखंडों के 58 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।

पहले चरण में 29 गांवों में शुरू हुई प्रक्रिया

जिला भू-अर्जन कार्यालय के अनुसार, शंभूगंज, अमरपुर और बांका प्रखंड के 29 गांवों से संबंधित थ्री-ए अधिसूचना प्राप्त हो चुकी है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने खाता-खेसरा, भूमि क्षेत्रफल और स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि कोई आपत्ति आती है तो उसका निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद प्रभावित भूमि मालिकों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

शेष गांवों की रिपोर्ट का इंतजार

परियोजना में शामिल फुल्लीडुमर और कटोरिया प्रखंड के 29 राजस्व गांवों की थ्री-ए रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। जिला प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट मिलते ही इन क्षेत्रों में भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

बांका जिले से ऐसा होगा एक्सप्रेसवे

प्रस्तावित रूट के अनुसार, एक्सप्रेसवे शंभूगंज से बांका जिले में प्रवेश करेगा और वहां से फुल्लीडुमर, अमरपुर, बांका तथा कटोरिया होते हुए झारखंड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह मार्ग देवघर के आसपास से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक पहुंचेगा। इस कॉरिडोर के बनने से बिहार के कई क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क और प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

बिहार में होगा सबसे बड़ा हिस्सा

करीब 600 किलोमीटर लंबे रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा हिस्सा बिहार में प्रस्तावित है। राज्य में इसकी लंबाई लगभग 406 किलोमीटर होगी, जबकि झारखंड में करीब 90 किलोमीटर और पश्चिम बंगाल में लगभग 90 से 100 किलोमीटर तक यह मार्ग विकसित किया जाएगा।