8वें वेतन आयोग का मीटिंग शेड्यूल जारी, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। 8वें वेतन आयोग ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स के साथ होने वाली बैठकों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन बैठकों का उद्देश्य कर्मचारियों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करना है, ताकि वेतन, पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दों पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार कर सके।

दिल्ली में कब होगी बैठक?

आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 7 अगस्त और 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में हितधारकों के साथ बैठक होगी। इस बैठक में वही कर्मचारी संगठन, फेडरेशन और यूनियन शामिल हो सकेंगे जिन्होंने पहले से अपना मेमोरेंडम जमा किया है और जिनकी आयोग के साथ अब तक किसी अन्य स्थान पर बैठक नहीं हुई है। दिल्ली में बैठक के लिए आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

चंडीगढ़ में सितंबर में होगा संवाद

आयोग 16 से 18 सितंबर 2026 के बीच चंडीगढ़ में भी बैठक आयोजित करेगा। इसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से जुड़े केंद्र सरकार एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी संगठन, यूनियन, एसोसिएशन और पेंशनर्स भाग ले सकेंगे। इस बैठक में शामिल होने के लिए भी पहले मेमोरेंडम जमा करना और उसके बाद प्राप्त यूनिक मेमो आईडी के साथ आवेदन करना आवश्यक होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 25 अगस्त 2026 तय की गई है।

अन्य राज्यों में भी होंगी बैठकें

आयोग ने संकेत दिया है कि दिल्ली और चंडीगढ़ के बाद देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी। दिल्ली-एनसीआर से बाहर के कर्मचारी संगठन और पेंशनर्स अपने राज्य या निकटतम स्थान पर आयोग से मुलाकात के लिए अनुरोध कर सकते हैं। आगामी बैठकों की तिथियां आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी।

डेटा अपलोड की सीमा बढ़ी

आयोग ने मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों को राहत देते हुए कर्मचारी संबंधी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है। कई विभागों द्वारा अतिरिक्त समय की मांग के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस डेटा के आधार पर आयोग कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति का व्यापक अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा।

क्यों महत्वपूर्ण हैं ये बैठकें?

8वें वेतन आयोग की ये बैठकें इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं क्योंकि इन्हीं चर्चाओं के आधार पर भविष्य में वेतन, भत्तों, पेंशन और अन्य सेवा शर्तों से जुड़ी सिफारिशों का मसौदा तैयार किया जाएगा। ऐसे में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के सुझाव आयोग की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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