अधिक छात्रों को मिलेगा छात्रवृत्ति का लाभ
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की 172वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना को इस तरह विस्तारित किया जाए कि अधिक संख्या में पात्र छात्र-छात्राएं इसमें शामिल हो सकें। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता मिलने से किसान परिवारों के बच्चों की पढ़ाई आसान होगी और वे उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ सकेंगे।
किसानों के लिए योजनाओं की अवधि भी बढ़ी
बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए किसान कल्याण, कृषि विपणन और मंडी व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।
मंडियों के आधुनिकीकरण पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में अधिक सुविधा मिल सके। साथ ही कृषि उपज प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल को प्रोत्साहित करने की बात भी कही गई।
छात्रों और किसानों दोनों को मिलेगा फायदा
सरकार के इस फैसले से एक ओर किसान परिवारों के मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति का अधिक लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर कृषि क्षेत्र में आधारभूत ढांचे और विपणन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि इन निर्णयों से शिक्षा और कृषि, दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

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