न्यूज डेस्क: आज के वर्तमान समय में भारत की चाहत है की उसे सुरक्षा परिषद में वीटो पावर मिलें। क्यों की भारत तेजी से बढ़ती एक बड़ी अर्थववस्था हैं। साथ ही साथ दुनिया का एक जिम्मेदार और बड़ा लोकतंत्र देश हैं। दुनिया के कई बड़े और छोटे देश भारत के लिए वीटो पावर की मांग कर चुके हैं।
बीबीसी की एक रिपोट की मानें तो भारत भी इस मामले में अलग नहीं रहा है। हाल के दिनों में इसकी सैन्य और आर्थिक शक्ति बढ़ी है, ऐसे में विश्व राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने को लेकर उसकी चाहत भी बढ़ी है। पिछले कुछ दिनों से भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट को लेकर लगातार मांग कर रहा है।
भारत के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा समेत दुनिया भर के विभिन्न मंचों पर इसके लिए पुरजोर कोशिशें की हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदायों के सामने बतौर स्थायी सदस्य भारत की योग्यता जताई जाए।
भारत के इन प्रयासों के परिणाम भी पूरी तरह निराशाजनक नहीं रहे हैं। भारत को वीटो मिले। इसको लेकर अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस और रूस जैसे प्रमुख शक्तिशाली देशों ने भारत की सदस्यता को लेकर कई मौक़ों पर अपना समर्थन जताया है। लेकिन कोरोना महामारी के इस दौर में भारत ने जो अपनी भूमिका निभाई हैं। इससे वीटो पावर की दावेदारी और मजबूत हुई हैं।

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